Himachal Weather: हिमाचल से मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू, प्रदेश में सामान्य से 10% कम बरसे मेघ; 329 लोगों की मौत और 3,217 करोड़ का नुकसान

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रमेश कंवर: शिमला

Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश सहित समूचे उत्तर भारत में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के आसार बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 21 सितंबर तक मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 22 से 25 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 25 सितंबर के आसपास हिमाचल प्रदेश से मानसून की औपचारिक विदाई हो जाएगी। राज्य में पिछले दो दिनों से भारी बारिश थम गई है और शनिवार को भी अधिकांश स्थानों पर धूप खिली रही। प्रदेश में भूस्खलन के कारण प्रदेश की 55 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध रहीं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में 20 जून से 19 सितंबर तक प्रदेश में औसतन 631 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत 701.7 मिलीमीटर की तुलना में 10 फीसदी कम है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में सामान्य से 18 फीसदी कम और वर्ष 2025 में सामान्य से 42 फीसदी अधिक वर्षा हुई थी। इस वर्ष जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिमला, बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू और सिरमौर जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, जिसमें शिमला जिले में सर्वाधिक 15 प्रतिशत अधिक मेघ बरसे। इसके विपरीत चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, ऊना और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई, जिसमें लाहौल-स्पीति में सामान्य से 63 प्रतिशत तक बारिश की भारी कमी रही।

329 लोगों की मृत्यु, 3,217 करोड़ की संपत्ति तबाह

भले ही इस वर्ष वर्षा का कुल आंकड़ा सामान्य से कम रहा हो, लेकिन मानसून के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य को गहरा जख्म दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 30 जून से 19 सितंबर के मध्य बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं में 329 लोगों की जान गई है, जबकि 567 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मौतों में 196 मामले केवल सड़क हादसों से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त राज्य भर में 41 पक्के व 98 कच्चे मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 521 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची। प्रदेश भर में 17 दुकानें और 492 गोशालाएं भी ध्वस्त हो गईं। अब तक राज्य को कुल लगभग 3,217 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान सहन करना पड़ा है।

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