रमेश कंवर: शिमला
Himachal Politics: जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग ने तूल पकड़ लिया है। यंग ब्रिगेड कांग्रेस सेवादल और ब्लॉक कांग्रेस स्पीति के मीडिया प्रभारी छेवांग नमज्ञाल सहित जिला कांग्रेस कमेटी तथा स्थानीय निवासियों ने प्रदेश सरकार एवं पार्टी आलाकमान से उन्हें मंत्री पद देने की पुरजोर सिफारिश की है।
स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्र के स्वाभिमान, सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस जिले को राज्य सरकार में सीधा प्रतिनिधित्व मिलने से क्षेत्र की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
राज्य मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व की कमी को पूरा करने का मौका
वर्तमान में प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में कोई भी महिला मंत्री शामिल नहीं है। हिमाचल जैसे प्रगतिशील राज्य में आधी आबादी के प्रतिनिधित्व की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में अनुराधा राणा को मंत्रिमंडल में स्थान देने से न केवल महिला वर्ग को मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा, बल्कि सरकार में आधी आबादी का विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होगा।
उप-चुनाव की कठिन परिस्थितियों में दर्ज की थी ऐतिहासिक जीत
राजनीतिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुए उप-चुनाव के दौरान अनुराधा राणा ने जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया था। उपचुनाव में विजय प्राप्त कर विधानसभा पहुंचने वाली वह सत्तारूढ़ दल की एकमात्र महिला विधायक बनीं। इस जीत ने साबित किया कि उनका जनता के साथ गहरा जुड़ाव है और वह क्षेत्र की एक मजबूत जनाधार वाली नेत्री हैं।
जिला परिषद सदस्य से विधायक तक का जमीनी व संघर्षपूर्ण सफर
अनुराधा राणा का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर के जनसेवा के कार्यों से जुड़ा रहा है। उन्होंने पहले जिला परिषद सदस्य के रूप में चुनाव जीता, तत्पश्चात अपनी कार्यकुशलता के बल पर जिला परिषद अध्यक्ष का पद संभाला और अब विधायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनका यह प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव जनजातीय क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाने में सक्षम है।
महिला जिला के रूप में उभरे लाहौल-स्पीति को मिलेगा नया आयाम
सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लाहौल-स्पीति जिले को महिला सशक्तिकरण के एक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। जिले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर अनेक मुख्य पदों की जिम्मेदारी महिला अधिकारी संभाल रही हैं। ऐसे में जिले की महिला विधायक को राज्य मंत्रिमंडल में स्थान मिलने से महिला सशक्तिकरण का यह ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा।
सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्र के विकास और पर्यटन को मिलेगी नई गति
अनुराधा राणा को मंत्रिमंडल में शामिल करने से देश के संवेदनशील सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्र के सड़क, पर्यटन, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ हल करने में मदद मिलेगी। इससे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी और जनजातीय क्षेत्र के लोगों को राज्य सरकार में अपनी सीधी भागीदारी महसूस होगी।