Himachal Congress: दिल्ली में आयोजित ‘दलित-आदिवासी आत्म सम्मान बैठक’ में शामिल हुए हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेता

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Himachal Congress: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में देश की राजधानी नई दिल्ली में विशाल ‘दलित-आदिवासी, आत्म सम्मान बैठक’ का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश से भी संगठन के शीर्ष नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस बैठक में प्रमुखता से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सम्मेलन के दौरान दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय और आगामी सांगठनिक रणनीति को लेकर गहन मंथन किया गया। बैठक में शामिल हुए राष्ट्रीय नेतृत्व और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने शोषित व वंचित वर्गों को मुख्यधारा में मजबूती से जोड़ने का संकल्प दोहराया।

 

राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेताओं और सांसदों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस राष्ट्रीय स्तरीय बैठक में अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक व सांसद के राजू, संयोजक व सांसद डॉ. मल्लू रवि, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया तथा अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा देश भर से आए कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और दोनों विभागों के प्रदेश अध्यक्षों ने बैठक को संबोधित कर विचार साझा किए।

 

विनय कुमार और ठाकुर सिंह भरमौरी रहे मौजूद

हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी तथा पीसीसी सचिव अमित भरमौरी ने सम्मेलन में सहभागिता की। उनके साथ किन्नौर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निगम भंडारी और पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष राजेश कौपा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस राष्ट्रीय मंथन का हिस्सा बने।

 

दलित एवं आदिवासी समाज की एकता और भावी रणनीति पर दिया गया जोर

बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के दलित और आदिवासी समुदायों के स्वाभिमान की रक्षा करना तथा उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए दलित-आदिवासी एकता बेहद जरूरी है। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आने वाले समय में जन-जन तक पहुंचकर शोषित वर्गों की आवाज को और अधिक बुलंदी से उठाया जाएगा।

 

जनजातीय और वंचित वर्गों के मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर उठाने का संकल्प

हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों ने राज्य के दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं और दलित-आदिवासी वर्ग की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही कमजोर वर्गों की पैरोकार रही है और भविष्य में भी उनके अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी।

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