रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर ठियोग कॉलेज छात्रावास मामले में विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। करीब 2.71 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुआ यह छात्रावास भवन हस्तांतरण के महज चार महीने बाद ही दरकने और एक तरफ झुकने लगा था।
आईआईटी मंडी सहित अन्य तकनीकी एजेंसियों द्वारा की गई जांच में भवन के कॉलम, बीम और स्लैब समेत कई महत्वपूर्ण स्ट्रक्चरल हिस्से असुरक्षित पाए गए थे। अब इस असुरक्षित भवन की मरम्मत पर पैसे खर्च करने के बजाय समिति ने आदेश दिए हैं कि हिमाचल प्रदेश नगर विकास प्राधिकरण को अपने खर्चे पर 104 विद्यार्थियों की क्षमता वाला नया छात्रावास भवन बनाना होगा।
2018 में बना था भवन, 4 महीने में ही आई दरारें
यह भवन बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के तहत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया था। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2018 में पूरा हुआ और 22 नवंबर 2018 को इसे ठियोग कॉलेज प्रशासन को सौंपा गया था। हालांकि, अप्रैल 2019 में ही भवन में गंभीर दरारें आ गईं और इमारत एक तरफ झुकने लगी।
ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट
चौदहवीं विधानसभा की स्थानीय निधि लेखा समिति, जिसकी अध्यक्षता सभापति विधायक संजय रत्न कर रहे हैं, ने इस मामले की विस्तृत समीक्षा की। समिति ने कड़ा संज्ञान लेते हुए ठेकेदार की करीब 22 लाख रुपये की शेष राशि (7 लाख रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट और 15 लाख रुपये का अंतिम भुगतान) जब्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ठेकेदार को दो साल के लिए सभी सरकारी विभागों में ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों से होगी रिकवरी
समिति ने विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगते हुए सवाल उठाया कि जब तकनीकी जांच में भवन के डिजाइन और निर्माण में गंभीर खामियां सिद्ध हो चुकी थीं, तो जिम्मेदार लोगों पर समय रहते सख्त विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई। विजिलेंस ब्यूरो की एफआईआर और अभियोजन स्वीकृति पर हिमुडा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के रवैये पर भी समिति ने गहरी नाराजगी जताई। समिति ने साफ किया कि सामूहिक निर्णय की आड़ लेकर व्यक्तिगत जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। समिति ने पुराने भवन की मरम्मत आदि पर खर्च हुए करीब 5 करोड़ रुपये की भी जांच के निर्देश दिए हैं और सेवारत तथा सेवानिवृत्त दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनसे रिकवरी करने को कहा है।
सितंबर 2027 तक बनेगा नया हॉस्टल
104 छात्रों के लिए बनने वाले नए छात्रावास के लिए कॉलेज के आसपास 30 दिन के भीतर भूमि चिह्नित करने और अगले 15 दिनों में जियो-टेक्निकल जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। लगभग 1587 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस नए हॉस्टल को सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए हिमुडा के हर निर्माण से पहले जियो-टेक्निकल जांच, ढलान स्थिरता परीक्षण और थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।
मंत्री बोले- होगी सख्त कार्रवाई
नगर नियोजन एवं आवास मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि विधानसभा सचिवालय से समिति का पत्र प्राप्त हो गया है और उसका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निधि लेखा समिति के निर्देशों पर पूरी कड़ाई से अमल किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।