रमेश कंवर: मनाली
Himachal News: हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी ओमकांत ठाकुर ने कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में संचालित विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं विकासात्मक परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
निदेशक ने कुल्लू जिला स्थित ट्राउट फार्म पतलीकुहल का दौरा कर वहां निर्माणाधीन हिमाचल प्रदेश के पहले ‘ट्राउट ब्रूड बैंक’ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया ताकि प्रदेश के मत्स्य पालकों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने पतलीकुहल फार्म में स्थापित की जा रही ‘रेडी-टू-ईट सोमकड ट्राउट फिश कैनिंग यूनिट’ (फिश प्रोसेसिंग यूनिट) का भी जायजा लिया। उन्होंने यूनिट के संचालन को शीघ्र शुरू करने के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों को अविलंब स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने पतलीकुहल फार्म में संचालित प्रदेश की पहली ‘कोल्ड वाटर रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर प्रणाली’ (RAS) का निरीक्षण किया और इसे विभाग की एक बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही, पतलीकुहल फार्म के अधीन संचालित बटाहर ट्राउट हैचरी में पल रहे ब्रूड स्टॉक का भी जायजा लिया और आगामी प्रजनन सीजन में बेहतर परिणामों की उम्मीद जताई।
2025 की आपदा से क्षतिग्रस्त जलापूर्ति लाइन की बहाली पर चर्चा
वर्ष 2025 में आई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण पतलीकुहल ट्राउट फार्म की वाटर इनटेक और मुख्य जलापूर्ति लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। निदेशक ने जलापूर्ति व्यवस्था की शत-प्रतिशत बहाली के लिए प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी जल शक्ति विभाग कटराईं के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया और इस महत्वपूर्ण बहाली कार्य को तत्काल प्रभाव से शुरू करने का आग्रह किया।
लाहौल के सिस्सू झील में शुरू होगा एंगलिंग पर्यटन
लाहौल-स्पीति जिले में मत्स्य पालन और जल-क्रीड़ा गतिविधियों को विस्तार देने के उद्देश्य से निदेशक ने सिस्सू स्थित विभागीय भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सिस्सू में विभाग का नया कार्यालय शुरू करने के प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने सिस्सू झील में ‘एंगलिंग पर्यटन’ शुरू करने की संभावनाओं को भी तलाशा। उन्होंने कहा कि सिस्सू झील में एंगलिंग शुरू होने से लाहौल घाटी में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होगी।