रमेश कंवर: मनाली
Kullu News: प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखिका किरण राव ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ऐतिहासिक नग्गर में चहलकदमी की। इस दौरान उन्होंने हिमालय की पारंपरिक हस्तकला, स्थानीय स्वदेशी ऊन और यहां की महिला कारीगरों द्वारा हाथों से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की बारीकी से जानकारी प्राप्त की। किरण राव ने यहां के एक स्टूडियो में काम करने वाली स्थानीय महिला कारीगरों से मुलाकात कर उनके हुनर और पारंपरिक शिल्प कौशल की जमकर सराहना की।
अपने इस प्रवास के दौरान किरण राव ने पारंपरिक ‘तारा जैकेट’ को चुना। यह विशेष जैकेट हिमालय की स्थानीय भेड़ों से मिलने वाली देसी ऊन से पारंपरिक कौशल और कारीगरों की कड़ी मेहनत के जरिए तैयार की जाती है। स्थानीय चरवाहा समुदायों और ग्रामीण महिलाओं के साथ मिलकर हिमाचल की प्राचीन ऊनी हस्तकला को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक और समकालीन फैशन से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस माध्यम से महिलाएं कताई, पारंपरिक बुनाई तकनीकों और प्राकृतिक रंगों के प्रयोग से न केवल अपनी कला को आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी हो रही हैं।
सामाजिक और पर्यावरणीय पहलों से जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं किरण राव
सिनेमा जगत में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए पहचानी जाने वाली किरण राव सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति अपनी सक्रियता के लिए भी विशेष स्थान रखती हैं। वह ‘पानी फाउंडेशन’ की सह-संस्थापक हैं, जो महाराष्ट्र के ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण, भूजल संवर्द्धन और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करता है। नग्गर स्थित स्टूडियो में उनका आगमन यहाँ की महिला कारीगरों और स्थानीय शिल्प को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।