Himachal News: पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर साधा निशाना, स्पीति दौरा फ्लॉप होने का लगाया आरोप

रमेश कंवर: मनाली

Himachal News: लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री जिले को करोड़ों रुपये की सौगात देने और नए जिले बनाने की झूठी घोषणाएं कर रहे हैं, जबकि धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। मनाली में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री का स्पीति दौरा पूरी तरह से फ्लॉप रहा है और वे केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर राजनीतिक भाषण देकर लौट गए। रवि ठाकुर ने आरोप लगाया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित बजट को अन्य जगहों पर खर्च किया जा रहा है और विभिन्न विभागों के पास बजट की भारी कमी है।

रवि ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने लाहौल-स्पीति के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि दी थी, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक धरातल पर काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का श्रेय खुद लेने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने लाहौल-स्पीति को देश का पहला आईसीएमआर (ICMR) देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है, जिससे सेना के जवानों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अलावा एसकेटीटी सड़क मार्ग को मंजूरी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 18 सड़कों का निर्माण, शिंकुला टनल का जारी काम और कुंजम दर्रे में टनल के निर्माण को केंद्र की मंजूरी जैसी योजनाएं शामिल हैं।

 

ग्रीन एनर्जी प्लांट और गारंटियों को लेकर सरकार पर घेराबंदी

स्पीति घाटी में ऊर्जा परियोजनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि क्षेत्र में 70 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल दो मेगावाट के स्टेशन का उद्घाटन किया है जिसकी ठीक से टेस्टिंग तक नहीं की गई है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की गारंटियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान जनता से झूठे वादे किए और गारंटियों के नाम पर लोगों को ठगा है।

 

विधायकों पर पैसे लेने के आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित

क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के मुद्दे पर बोलते हुए रवि ठाकुर ने कहा कि उन नौ विधायकों पर पैसे लेने के आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विधायक सरकार की कार्यप्रणाली और कामकाज से संतुष्ट नहीं थे, जिसके चलते उन्हें कड़ा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में कांग्रेस का जनाधार लगातार सिमट रहा है और आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में भी पार्टी को इसका भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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