Bilaspur News: गोविंद सागर झील पर बनेगा हिमाचल का पहला ग्लास ब्रिज

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश को जल्द ही अपना पहला ‘ग्लास-बॉटम’ (कांच के फर्श वाला) स्काई ब्रिज मिलने जा रहा है। जिला बिलासपुर में गोविंद सागर झील के ऊपर बनने वाले इस बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण को राज्य सरकार और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) हमीरपुर के विशेषज्ञों की संयुक्त समिति ने हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से बिलासपुर जिला साहसिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा।

जिला प्रशासन ने परियोजना से संबंधित सभी तकनीकी आकलन पूरे कर लिए हैं और टेंडर प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। जल्द ही चयनित एजेंसी को इसका ठेका आवंटित कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

 

Bilaspur News: मंडी भराड़ी के पास बनेगा ब्रिज

बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह ग्लास ब्रिज किरतपुर-मनाली फोर-लेन हाईवे के समीप मंडी भरारी पुल के पास गोविंद सागर झील के ऊपर बनाया जाएगा। एनआईटी हमीरपुर के स्ट्रक्चरल विशेषज्ञों ने मौके का व्यापक निरीक्षण कर भूगर्भीय और सुरक्षा मानकों की गहन पड़ताल के बाद अपनी तकनीकी मंजूरी दी है। फोर-लेन के बिल्कुल पास स्थित होने के कारण पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना बेहद आसान होगा।

 

मजबूत और पारदर्शी कांच का निर्माण

प्रस्तावित स्काई ग्लास ब्रिज का फर्श अत्यधिक सुदृढ़, बहुस्तरीय और पूरी तरह पारदर्शी कांच से तैयार किया जाएगा। इस पर चलने वाले सैलानी सीधे अपने पैरों के नीचे झील के अथाह जल, गहरी घाटी और आसपास के नैसर्गिक सौंदर्य का विहंगम दृश्य देख सकेंगे। पुल के डिजाइन में वजन सहने की उच्चतम क्षमता और कड़े सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि पर्यटकों को रोमांच के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण भी मिले।

 

फूड कोर्ट से स्थानीय युवाओं को रोजगार

पुल के साथ-साथ मंडी भरारी क्षेत्र को एक संपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन यहां पर्यटकों के लिए एक आधुनिक फूड कोर्ट और कैफेटेरिया जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित करेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापार को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

 

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