3 November 2026 ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार का दिन है। मंगलवार का दिन संकटमोचन श्री हनुमान जी और ग्रहों के सेनापति मंगल देव को समर्पित होता है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है (जो पूर्वाह्न 09:12 बजे तक रहेगी, उपरांत दशमी तिथि आरंभ होगी)। आज के दिन मघा नक्षत्र तथा ब्रह्म योग उपरांत इंद्र योग का शुभ प्रभाव रहेगा। कार्तिक मास के पावन दिनों में मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना, सुंदरकांड पाठ और दीपदान करने से समस्त प्रकार के भय, शत्रु बाधा और मंगल दोष से मुक्ति मिलती है।
3 November 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- कार्तिक, अमांत- आश्विन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: नवमी ( प्रात: 11:54 बजे तक), उपरांत दशमी आरंभ।
दिन: मंगलवार।
नक्षत्र: मघा (संपूर्ण दिन-रात, 4 नवंबर तड़के 03:18 बजे तक), उपरांत पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र।
योग: ब्रह्म (प्रातः 10:14 बजे तक), उपरांत इंद्र योग।
करण: गर (पूर्वाह्न 09:12 बजे तक), उपरांत वणिज करण (रात्रि 08:34 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) करण।
प्रविष्टे: 18 कार्तिक
ऋतु: वैदिक ऋतु – शरद, द्रिक ऋतु – हेमंत।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:43 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:26 बजे।
चन्द्रोदय: रात्रि 02:11 बजे (4 नवंबर प्रातः)।
चन्द्रास्त: दोपहर 03:17 बजे (3 नवंबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात सिंह राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
3 नवंबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:07 से 05:55 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 से 02:38 बजे तक।
अमृत काल: रात्रि 11:48 से 01:21 बजे तक (4 नवंबर प्रातः)।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:26 से 05:51 बजे तक।
3 नवंबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 09:24 से 10:46 बजे तक।
कुलिक: दोपहर 12:05 से 01:26 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: प्रातः 08:52 से 09:36 बजे तक एवं रात्रि 10:46 से 11:38 बजे तक।
वर्ज्यम्: दोपहर 02:54 से सायं 04:26 बजे तक।
3 नवंबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
कार्तिक कृष्ण नवमी: कार्तिक मास का पावन स्नान, यम तर्पण व नियम पालन।
मंगलवार व्रत एवं हनुमान साधना: कर्ज मुक्ति, साहस और बल-बुद्धि वृद्धि हेतु संकटमोचन हनुमान जी की विशेष पूजा।
मघा नक्षत्र प्रभाव: पितृ तर्पण और दान-पुण्य हेतु श्रेष्ठ नक्षत्र संयोग।
कार्तिक दीपदान: सायंकाल तुलसी चौरा, शिवालय एवं देवालयों में दीप प्रज्वलन।
3 नवंबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
कार्तिक मास के पावन मंगलवार पर प्रातः स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्यदेव को कुमकुम व लाल पुष्प डालकर अर्घ्य दें। इसके उपरांत श्री हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करें, उन्हें सिंदूर अर्पित कर बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाएं तथा सात बार हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। मसूर की दाल, लाल वस्त्र अथवा तांबे के बर्तन का दान करने से मंगल दोष शांत होता है और यश व पराक्रम में वृद्धि होती है।