CJP Protest: सीजेपी और आइसा ने की शुक्रवार के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील, दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार

22 घंटे पहले
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते अभिजीत दीपके

CJP Protest: एसआईआर के खिलाफ शुक्रवार को प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली में राजनीतिक और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने गुरुवार को राजधानी में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित कर आम जनता से इस आंदोलन में भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पत्रकार वार्ता के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब नेहा बोरा के भाषण शुरू करने से पहले ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। यह हंगामा उनके उस विवादित बयान को लेकर था जिसमें उन्होंने बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा मिलने की बात कही थी।

 

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का ऐलान

नारेबाजी के बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करने में जुटी है और इसी क्रम में तिरंगा फहराने जैसी देशप्रेम की अभिव्यक्ति को भी अपराध की श्रेणी में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग कनॉट प्लेस पहुंचें। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदर्शनकारी सेंट्रल पार्क में राष्ट्रध्वज फहराकर सरकार को यह संदेश देंगे कि इस देश में तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है।

 

बर्बरता इसी तरह जारी रही तो सरकार बदलने का रास्ता चुनना होगा: प्रशांत भूषण

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि सरकार की बर्बरता इसी तरह जारी रही तो देश की जनता को सरकार बदलने का रास्ता चुनना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के लोकतंत्र को बचाने की यह ऐतिहासिक लड़ाई सिविल सोसाइटी और देश के युवाओं के नेतृत्व में ही लड़ी जाएगी।

 

दिल्ली उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप, प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार

दूसरी ओर, इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम देखने को मिला। उच्च न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने से रोकने की याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने दिल्ली पुलिस के इस आधिकारिक आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया कि कनॉट प्लेस क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तथा एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। अदालत के इस रुख के बाद शुक्रवार को कनॉट प्लेस में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है।

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