रमेश कंवर: शिमला
Rampur News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने शिमला जिले के प्रवास के दौरान रामपुर विधानसभा क्षेत्र को 232.93 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। शिंगला हेलीपैड पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य, सिंचाई और दर्जनों सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया।
रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है ताकि सीधा पैसा गांवों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र का समान और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
28 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने रामपुर की भड़ावली पंचायत के लिए 4.83 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना, डकोलड़ में 8.36 करोड़ की सीवरेज प्रणाली, देवनगर में 2.56 करोड़ की प्रवाह सिंचाई योजना, खनैरी अस्पताल के लिए 71 लाख की सीवरेज कनेक्टिविटी, देलठ में 2.56 करोड़ का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा गानवी खड्ड पर 1.84 करोड़ से निर्मित बैली ब्रिज का लोकार्पण किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने टिक्कर-जरोल-गाहन-ननखड़ी-खमाड़ी सड़क के दो चरणों में उन्नयन (क्रमशः 35.93 करोड़ व 54.87 करोड़ रुपये) तथा कूट-किन्फी, सेरी पुल-अणुराक्षी, पलजारा-गिन्छा-पेई, मंगलाड़-रूनपू, रुंगचा-धारला सहित दो दर्जन से अधिक सड़क निर्माण व उन्नयन कार्यों का भूमि पूजन किया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना प्राथमिकता
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार बनने के समय दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग दोगुना कर दिया गया है। बागवानों के हित में मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत सेब का खरीद मूल्य 12 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे सेब बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुगमता होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए।
किशाऊ बांध परियोजना से प्रदेश को मिलेगा 1200 से 1500 करोड़ का वार्षिक लाभ
मुख्यमंत्री ने किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की पैरवी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस परियोजना में प्रदेश के हितों की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की है। इस परियोजना के निर्माण के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जिसका उपयोग स्कूल, अस्पताल और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
जांगलिक सड़क 10 दिन में खोलने और थैंटवाड़ी आपदा प्रभावितों के लिए 2 करोड़ की घोषणा
रोहड़ू प्रवास के दौरान तांगणू-जांगलिक पंचायत का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूस्खलन से प्रभावित जांगलिक सड़क का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे 10 दिनों के भीतर बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन जांगलिक पुल के लिए 4 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि और थैंटवाड़ी गांव में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लिए 2 करोड़ रुपये जारी करने का ऐलान किया।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक नंदलाल, रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमकोन के अध्यक्ष विकेश चौहान, कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, उपायुक्त अनुभव कश्यप और पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।