13 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

4 सप्ताह पहले
आज का पंचांग

13 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 13 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है। रविवार के दिन भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य देने, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और लाल चंदन का तिलक लगाने से मान-सम्मान, आरोग्य, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।

 

13 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: शुक्ल

तिथि: द्वितीया (प्रातः 07:08 बजे तक), उपरांत तृतीया तिथि प्रारंभ।

दिन: रविवार

नक्षत्र: हस्त (दोपहर 01:06 बजे तक), उपरांत चित्रा नक्षत्र प्रारंभ।

योग: शुक्ल (दोपहर 01:42 बजे तक), उपरांत ब्रह्म योग प्रारंभ।

करण: कौलव (प्रातः 07:08 बजे तक), तैतिल (शाम 07:03 बजे तक), उपरांत गर करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 28 भाद्रपद

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:08 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:26 बजे

चन्द्रोदय: प्रातः 08:04 बजे (13 सितंबर)

चन्द्रास्त: सायं 07:32 बजे

चन्द्र राशि: चंद्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:32 से 05:20 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 बजे तक।

अमृत काल: प्रातः 07:03 से 08:40 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:24 से 03:14 बजे तक।

विशेष योग: सर्वार्थसिद्धि योग व अमृतसिद्धि योग (प्रातः 06:08 बजे से दोपहर 01:06 बजे तक)।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: प्रातः 04:32 से 05:20 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 01:49 बजे तक।

कुलिक: दोपहर बाद 03:21 से शाम 04:53 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: शाम 04:47 से 05:36 बजे तक।

वर्ज्यम्: रात 09:22 से 11:01 बजे तक।

भद्रा: आज भद्रा का प्रभाव नहीं है।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

वाराह जयंती: भगवान श्री हरि विष्णु के तृतीय अवतार ‘श्री वाराह देव’ का पूजनोत्सव, जो कष्टों से मुक्ति और भूमि-भवन का सुख प्रदान करता है।

रविवार व्रत एवं सूर्य पूजन: आरोग्यता, तेज और करियर में उच्च पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति के लिए भगवान सूर्य देव का पूजन।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

चूंकि आज रविवार का दिन है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया व तृतीया तिथि के साथ वाराह जयंती का शुभ योग है, इसलिए जीवन में यश, कीर्ति, आरोग्यता और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात तांबे के पात्र में जल, रोली, अक्षत और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। इसके साथ ही आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें तथा किसी जरूरतमंद को गुड़, तांबा या लाल वस्त्र का दान करें। भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाकर आरती करना अत्यंत शुभ और मनोकामना पूरक माना जाता है।

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