26 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 26 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित होता है। आज भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि (भाद्रपद पूर्णिमा) है। शनिवार के दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा-आराधना करने, पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाने, सरसों के तेल का दीपक जलाने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि की ढैया, साढ़ेसाती व सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
26 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल (रात 10:18 बजे तक), उपरांत कृष्ण पक्ष प्रारंभ।
तिथि: पूर्णिमा (रात 10:18 बजे तक), उपरांत प्रतिपदा तिथि प्रारंभ।
दिन: शनिवार
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (सुबह 11:32 बजे तक), उपरांत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ।
योग: गण्ड (दोपहर 01:17 बजे तक), उपरांत वृद्धि योग प्रारंभ।
करण: विष्टि / भद्रा (सुबह 10:47 बजे तक), बव (रात 10:19 बजे तक), उपरांत बालव करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 10 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:16 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:09 बजे
चन्द्रोदय: सायं 05:53 बजे (26 सितंबर)
चन्द्रास्त: सुबह 06:38 बजे (27 सितंबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा मीन राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:40 से 05:28 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 बजे तक।
अमृत काल: कोई नहीं।
आनन्दादि योग: कालदण्ड (सुबह 11:32 बजे तक), उपरांत धूम योग।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 09 बजे से 10:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 01:41 से शाम 03:11 बजे तक।
कुलिक: प्रातः 06:16 से 07:45 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: प्रातः 07:51 से 08:38 बजे तक।
वर्ज्यम्: रात 08:58 से 10:32 बजे तक।
भद्रा: प्रातः 06:16 से सुबह 10:47 बजे तक (स्वर्ग भद्रा)।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
पूर्णिमा व्रत: भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि, भगवान श्री सत्यनारायण पूजन व पूर्णिमा व्रत का पावन अवसर।
उमा महेश्वर व्रत: भगवान शिव और माता पार्वती के उमा-महेश्वर स्वरूप की पूजा।
शनिवार व्रत: कष्टों व शनि दोषों के निवारण हेतु श्री शनिदेव व हनुमान जी का विशेष पूजन।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शनिवार का दिन है और भाद्रपद पूर्णिमा की परम पवित्र तिथि है, इसलिए जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए प्रातः स्नान के बाद भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें तथा संध्या के समय पीपल के वृक्ष के नीचे जल अर्पित कर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा संध्या काल में हनुमान जी के समक्ष बैठकर सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें और काले तिल, उड़द की दाल या काले वस्त्र का दान करें। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होगी और समस्त बिगड़े काम पूरे होंगे।