27 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

8 घंटे पहले
आज का पंचांग

27 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 27 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्यदेव (आदित्य) को समर्पित होता है। आज से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष का प्रारंभ हो रहा है और प्रतिपदा तिथि (पितृ पक्ष / श्राद्ध पक्ष का आरंभ) है। रविवार के दिन सूर्य देव की उपासना करने, तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देने, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और पितरों का तर्पण करने से व्यक्ति को आरोग्य, मान-सम्मान, समाज में प्रतिष्ठा और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

27 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण।

तिथि: प्रतिपदा (रात 08:58 बजे तक), उपरांत द्वितीया तिथि प्रारंभ।

दिन: रविवार

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (सुबह 11:08 बजे तक), उपरांत रेवती नक्षत्र प्रारंभ।

योग: वृद्धि (सुबह 11:16 बजे तक), उपरांत ध्रुव योग प्रारंभ।

करण: कौलव (सुबह 09:42 बजे तक), तैतिल (रात 08:58 बजे तक), उपरांत गर करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 11 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:17 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:08 बजे

चन्द्रोदय: सायं 06:21 बजे (27 सितंबर)

चन्द्रास्त: सुबह 07:49 बजे (28 सितंबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा मीन राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:41 से 05:29 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 बजे तक।

अमृत काल: सुबह 06:33 से 08:08 बजे तक।

आनन्दादि योग: प्रजापति (सुबह 11:08 बजे तक), उपरांत सौम्य योग।

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: शाम 04:30 से 06 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: दोपहर 12:12 से 01:41 बजे तक।

कुलिक: अपराह्न 03:09 से शाम 04:38 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: शाम 04:32 से 05:20 बजे तक।

वर्ज्यम्: दोपहर 08:00 से रात 09:34 बजे तक।

पंचक: पंचक पूरा दिन-रात प्रभावी रहेगा।

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) प्रारंभ: आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि से पितृ पक्ष का शुभारंभ, प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण।

रविवार व्रत एवं सूर्य पूजन: स्वास्थ्य लाभ, यश और सफलता हेतु भगवान सूर्य देव का विशेष पूजन।

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

आज रविवार का दिन है और आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ पितृ पक्ष का शुभारंभ हो रहा है, इसलिए आज प्रातः स्नान के पश्चात तांबे के पात्र में जल, रोली, अक्षत और लाल पुष्प मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें तथा ‘ॐ सूर्याय नमः’ या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इसके साथ ही आज अपने पितरों के निमित्त जल में तिल डालकर तर्पण करें और जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को अन्न-वस्त्र का दान करें। इससे सूर्य देव और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होगा जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आएगी।

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