30 अक्तूबर 2026 का पंचांग: कार्तिक कृष्ण पंचमी व सिद्ध योग में मां लक्ष्मी की कृपा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय

15 घंटे पहले
आज का पंचांग

30 October 2026 ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार का दिन है। शुक्रवार का दिन सुख, समृद्धि, वैभव और सौंदर्य की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी तथा शुक्र देव को समर्पित होता है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज के दिन मृगशिरा नक्षत्र उपरांत आर्द्रा नक्षत्र तथा सिद्ध योग का अत्यंत शुभ प्रभाव रहेगा। कार्तिक मास के पावन दिनों में शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक तंगी व दारिद्र्य का नाश होता है।

 

30 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत- कार्तिक, अमांत- आश्विन

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: पंचमी (रात्रि 07:56 बजे तक), उपरांत षष्ठी तिथि आरंभ।

दिन: शुक्रवार।

नक्षत्र: मृगशिरा (प्रातः 09:20 बजे तक), उपरांत आर्द्रा नक्षत्र।

योग: सिद्ध (देर रात्रि 11:47 बजे तक), उपरांत साध्य योग।

करण: कौलव (प्रातः 09:24 बजे तक), उपरांत तैतिल करण (रात्रि 07:56 बजे तक), तत्पश्चात गर करण।

प्रविष्टे: 14 कार्तिक

ऋतु: वैदिक ऋतु – शरद, द्रिक ऋतु – हेमंत।

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:39 बजे।

सूर्यास्त: सायं 05:30 बजे।

चन्द्रोदय: रात्रि 08:52 बजे (30 अक्तूबर)।

चन्द्रास्त: दोपहर 12:16 बजे (31 अक्तूबर)।

चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।

 

30 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:03 से 05:51 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 01:55 से 02:39 बजे तक।

अमृत काल: देर रात्रि 12:47 से 02:16 बजे तक (31 अक्तूबर प्रातः)।

गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:30 से 05:55 बजे तक।

 

30 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: दोपहर 02:45 से सायं 04:08 बजे तक।

कुलिक: प्रातः 08:01 से 09:24 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:50 से 09:34 बजे तक एवं दोपहर 12:27 से 01:11 बजे तक।

वर्ज्यम्: दोपहर 03:49 से सायं 05:19 बजे तक।

 

30 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

कार्तिक कृष्ण पंचमी: कार्तिक मास का पावन स्नान, यम तर्पण एवं नियम पालन।

शुक्रवार व्रत एवं लक्ष्मी साधना: धन-धान्य, ऐश्वर्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि हेतु मां महालक्ष्मी का विशेष पूजन।

सिद्ध योग प्रभाव: देर रात्रि तक सिद्ध योग रहने से धार्मिक व मांगलिक कार्य अत्यंत फलदायी रहेंगे।

कार्तिक दीपदान: सायंकाल तुलसी चौरा, देवालय एवं मुख्य द्वार पर घी का दीप प्रज्वलन।

 

30 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

कार्तिक मास के शुक्रवार के पावन अवसर पर प्रातः स्नान के उपरांत मां महालक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष गाय के शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। उन्हें लाल या गुलाबी पुष्प, मखाने, बताशे और खीर का भोग अर्पित करें तथा ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ अथवा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। सायंकाल तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाकर सात बार परिक्रमा करें। आज के दिन सफेद वस्तुएं जैसे चावल, चीनी, दूध अथवा सफेद वस्त्र का किसी जरूरतमंद को दान करने से शुक्र ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है, आर्थिक बाधाएं समाप्त होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

हरि ॐ

 

अस्वीकरण (Disclaimer): यहां दी गई जानकारी सामान्य, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी विशिष्ट अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान पंडित से परामर्श लें। हिमाचल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।

 

Himachal News की ताजा खबरों और वीडियो अपडेट्स के लिए हमारे Himachal News को  फॉलो और YouTube चैनल Himachal News TV को Subscribe  करें।

खबरें और भी हैं...