7 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

9 घंटे पहले
आज का पंचांग

7 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य श्री गणेश जी और बुद्धि प्रदाता बुध देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि (इंद्रा एकादशी) और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का ग्यारहवां दिन है। आज के दिन एकादशी तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश और भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करने, उन्हें दूर्वा, मोदक व पीले पुष्प अर्पित करने और एकादशी व्रत रखने व पितरों के निमित्त तर्पण करने से सभी पापों का नाश होता है, बुद्धि व विद्या की प्राप्ति होती है और पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।

ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।

 

6 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: एकादशी (रात 11:47 बजे तक, 7 अक्तूबर), उपरांत द्वादशी तिथि प्रारंभ।

दिन: बुधवार

नक्षत्र: आश्लेषा (रात 09:56 बजे तक), उपरांत मघा नक्षत्र प्रारंभ।

योग: साध्य (सुबह 05:14 बजे तक), उपरांत शुभ योग प्रारंभ।

करण: वणिज (दोपहर 12:43 बजे तक), उपरांत विष्टि (भद्रा) करण (रात 11:47 बजे तक)।

प्रविष्टे: 21 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:24 बजे

सूर्यास्त: सायं 05:55 बजे

चन्द्रोदय: रात 01:42 बजे (8 अक्तूबर)

चन्द्रास्त: दोपहर 04:26 बजे (7 अक्तूबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा रात 09:56 बजे तक अपनी स्वराशि कर्क में गोचर करेगा, तत्पश्चात सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

7 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:48 से 05:36 बजे तक।

अमृत काल: शाम 08:21 से रात 09:56 बजे तक।

आनन्दादि योग: श्रीवत्स (रात 09:56 बजे तक), उपरांत वज्र योग।

 

7 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:10 से 01:37 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: प्रातः 07:51 से सुबह 09:18 बजे तक।

कुलिक: सुबह 10:44 से दोपहर 12:10 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक।

भद्रा (विष्टि): दोपहर 12:43 से रात 11:47 बजे तक।

 

7 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

इंद्रा एकादशी व्रत: आश्विन कृष्ण पक्ष की मोक्षदायिनी एकादशी व्रत, पितरों के उद्धार एवं विष्णु कृपा हेतु विशेष फलदायी।

एकादशी तिथि श्राद्ध: एकादशी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।

बुधवार व्रत एवं गणेश पूजन: रिद्धि-सिद्धि, सुख-समृद्धि एवं बुद्धि विकास हेतु भगवान गणपति की विशेष पूजा।

 

7 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

आज बुधवार का दिन है और पितृ पक्ष की परम पवित्र ‘इंद्रा एकादशी’ का महासंयोग है। प्रातः स्नान के बाद भगवान श्री हरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी का पूजन करें और उन्हें तुलसी दल, पीले पुष्प व पंचामृत अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का पाठ करें। इसके साथ ही भगवान श्री गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएं। दोपहर के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त जल में तिल, दूध व तुलसी पत्र मिलाकर तर्पण करें तथा किसी निर्धन या ब्राह्मण को अन्न, तिल, वस्त्र या पीले फलों का दान करें। इस उपाय से पितरों को मोक्ष लोक की प्राप्ति होती है और साधक को जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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