Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य भर में भूस्खलन और मलबे के कारण कुल 102 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। इस बीच शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार प्रदेश में 9 सितंबर तक बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है, जिससे राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सिरमौर जिले के नाहन में सबसे अधिक 67.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि जोगिंदरनगर में 57 मिमी और नादौन में 52.6 मिमी बारिश हुई। जटोन बैराज और भरवाईं में भी 40-40 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कांगड़ा और सुंदरनगर सहित अन्य निचले क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बूंदाबांदी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा तबाही, 125 ट्रांसफार्मर और 21 पेयजल योजनाएं भी ठप
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बंद पड़ी 102 सड़कों में से सबसे अधिक 46 सड़कें अकेले मंडी जिले में अवरुद्ध हैं। इसके बाद कुल्लू जिले में 22, सिरमौर में 11, कांगड़ा में 8, ऊना में 4 तथा चंबा, शिमला और सोलन में 3-3 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा लाहौल-स्पीति और बिलासपुर जिले में भी एक-एक मुख्य मार्ग ठप पड़ा है। सड़कों के साथ-साथ राज्य भर में 125 बिजली ट्रांसफार्मर और 21 पेयजल आपूर्ति योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली और पानी का संकट गहरा गया है।
मानसून में अब तक 108 लोगों ने गंवाई जान, 1235 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 30 जून को मानसून के प्रवेश के बाद से लेकर अब तक बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कम से कम 108 लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में राज्य को अब तक लगभग 1,235 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हो चुका है। लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासन बंद पड़ी सड़कों को खोलने और ठप पड़ी सेवाओं को बहाल करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।