रमेश कंवर: केलांग
Lahaul News: जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के ग्रामीण और शहरी इलाकों में सितंबर 2026 के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय सांख्यिकीय सर्वेक्षणों का संचालन किया जा रहा है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और क्षेत्र संकार्य प्रभाग द्वारा यह कार्य पूरा किया जाएगा। सहायक निदेशक एवं प्रभारी (उप क्षेत्रीय कार्यालय मंडी) अमित कुमार ने बताया कि इन सर्वेक्षणों से जुटाए गए आंकड़ों का सीधा इस्तेमाल राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी नीतियों और विकास कार्यक्रमों के निर्माण में किया जाएगा।
सर्वेक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एनएसओ के प्रशिक्षित अधिकारी डिजिटल उपकरणों व अधिकृत वेब पोर्टल के जरिए चयनित परिवारों व संस्थानों से आंकड़े जुटाएंगे। केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने जिले के सभी चयनित परिवारों, कारोबारियों व संस्थानों से अपील की है कि वे गणना कर्मियों का सहयोग करें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस दौरान साझा की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय आकलन के लिए होगा।
श्रम बल से लेकर कृषि तक, लाहौल-स्पीति के इन गांवों का हुआ चयन
सर्वेक्षण को सटीक बनाने के लिए लाहौल-स्पीति के अलग-अलग क्षेत्रों को विशिष्ट विषयों के आधार पर विभाजित किया गया है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के लिए घारी क्षेत्र का चयन किया गया है, जबकि वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण के लिए चिचोंग एवं रुरींग को चुना गया है। इसके अलावा प्रवासन सर्वेक्षण के लिए सुमलिंग तथा अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण कृषि परिवारों के स्थिति मूल्यांकन सर्वेक्षण के लिए सलपट क्षेत्र को शामिल किया गया है।
सटीक आंकड़ों से बनेगी मजबूत नीति, राष्ट्र निर्माण में मिलेगा सहयोग
सहायक निदेशक अमित कुमार ने जोर देकर कहा कि आम जनता द्वारा दी गई सही और पूरी जानकारी देश में सुदृढ़ व भरोसेमंद सांख्यिकीय ढांचा तैयार करने में मदद करती है। सही आंकड़ों के आधार पर ही नीति निर्माता जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बना पाते हैं, जिससे अंततः जनजातीय क्षेत्रों और राष्ट्र का समग्र विकास सुनिश्चित होता है।