14 September 2026 Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 13 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। सोमवार का दिन देवों के देव महादेव भगवान शिव और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है। आज भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि पर गणेश चतुर्थी (गणेशोत्सव) का पावन पर्व भी आरंभ हो रहा है। सोमवार के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने और गणेश जी की स्थापना व पूजन करने से जीवन के सभी दुख-दर्द, बाधाएं और मानसिक तनाव दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
13 September 2026 Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल
तिथि: तृतीया (प्रातः 07:07 बजे तक), उपरांत चतुर्थी तिथि प्रारंभ।
दिन: सोमवार
नक्षत्र: चित्रा (दोपहर 01:55 बजे तक), उपरांत स्वाति नक्षत्र प्रारंभ।
योग: ब्रह्म (दोपहर 12:46 बजे तक), उपरांत इन्द्र योग प्रारंभ।
करण: गर (प्रातः 07:07 बजे तक), वणिज (शाम 07:21 बजे तक), उपरांत विष्टि (भद्रा) करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 29 भाद्रपद
ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:09 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:24 बजे
चन्द्रोदय: प्रातः 09:05 बजे (14 सितंबर)
चन्द्रास्त: सायं 08:04 बजे
चन्द्र राशि: चंद्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:33 से 05:21 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:41 बजे तक।
अमृत काल: प्रातः 07:17 से 08:57 बजे तक।
आनन्दादि योग: मुद्गर (दोपहर 01:55 बजे तक), उपरांत छत्र योग।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: सुबह 07:30 से 09 बजे तक।
यम गण्ड: सुबह 10:44 से दोपहर 12:16 बजे तक।
कुलिक: दोपहर 01:48 से 03:20 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:41 से 01:30 बजे तक एवं दोपहर बाद 03:08 से शाम 03:57 बजे तक।
वर्ज्यम्: शाम 07:51 से रात 09:33 बजे तक।
भद्रा: शाम 07:21 बजे से अगले दिन प्रातः 07:44 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
गणेशोत्सव (गणेश चतुर्थी): घर-घर में गणपति बाप्पा की स्थापना और पूजनोत्सव।
हरतालिका तीज: अखंड सौभाग्य एवं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए रखा जाने वाला अत्यंत पावन व्रत।
सोमवार व्रत एवं शिव पूजन: भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्ति हेतु पूजन।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज सोमवार का दिन है और भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गणेशोत्सव तथा हरतालिका तीज का पावन संयोग है, इसलिए जीवन में विघ्नों के नाश, सुख-समृद्धि और पारिवारिक मंगल के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात भगवान श्री गणेश को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करें। साथ ही शिवलिंग पर कच्चे दूध में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। संध्या के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और गणेश जी की आरती करें; इससे रिद्धि-सिद्धि का वास होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।