Himachal News: समाज क्या चाहता है समझ जाए सुक्खू सरकार, राकेश जमवाल लॉटरी शुरू करने का फैसला तत्काल ले वापस

Himachal News BJP Rakesh Jamwal

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में लगभग 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दोबारा लॉटरी व्यवस्था शुरू करने की कांग्रेस सरकार की योजना पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को अब प्रदेश की जनता की भावना को समझ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की लॉटरी कंपनियों की शुरुआती टेंडर प्रक्रिया में कम रुचि दिखना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह योजना व्यावहारिक और सामाजिक दृष्टि से अनुचित है।

जमवाल ने कहा कि पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न मिलने के कारण सरकार को लॉटरी टेंडर जमा करवाने की अंतिम तिथि 14 सितंबर से बढ़ाकर 28 सितंबर करनी पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सालाना 50 से 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लालच में प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के आर्थिक भविष्य को दांव पर लगा रही है। हर सरकारी नीति का उद्देश्य केवल खजाना भरना नहीं हो सकता, बल्कि समाज और परिवारों के हितों की रक्षा करना सरकार का पहला दायित्व है।

 

वित्तीय शर्तों और सामाजिक प्रभाव पर उठाए सवाल

भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने लॉटरी व्यवस्था के लिए 50 करोड़ रुपये न्यूनतम नेटवर्थ, 30 करोड़ रुपये बैंक गारंटी और 10 करोड़ रुपये सालाना लाइसेंस फीस जैसी वित्तीय शर्तें रखी हैं। यदि इन शर्तों के कारण कंपनियां आगे नहीं आ रही हैं, तो सरकार को केवल टेंडर की तारीख बढ़ाने के बजाय पूरी योजना की उपयोगिता पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सरकार से पूछा कि क्या इस व्यवस्था को पुनः लागू करने से पहले इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का कोई विस्तृत अध्ययन कराया गया है? जमवाल ने आरोप लगाया कि जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद आम जनता को बार-बार टिकट खरीदने के लिए उकसाएगी, जिसका सीधा असर सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ेगा।

 

रोजगार और निवेश पर ध्यान दे सरकार, वापस ले फैसला

राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार और अवसर चाहिए, न कि लॉटरी के टिकट। प्रदेश को टिकाऊ अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और कृषि-बागवानी के विकास के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि जुए और लॉटरी जैसी प्रवृत्तियों पर निर्भर होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू से अपील करते हुए कहा कि टेंडर जमा करने की तारीख बढ़ाने से स्थिति नहीं बदलेगी। सरकार को अपनी जिद छोड़कर और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश में लॉटरी शुरू करने का निर्णय तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए।

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