मंडी के सरकाघाट के शौर्यन शर्मा को गूगल में मिली नौकरी, 50 लाख रुपये का मिला सालाना पैकेज

Himachal News Shauryan Sharma Google Job Mandi

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र के एक छोटे से गांव के युवा ने अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट तकनीकी प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरकाघाट के तताहर गांव के रहने वाले शौर्यन शर्मा का चयन प्रतिष्ठित टेक कंपनी गूगल इंडिया में हुआ है। उन्हें कंपनी में तकनीकी समाधान सलाहकार (Technical Solutions Consultant) के पद पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में शौर्यन हैदराबाद स्थित गूगल कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

गांव से निकलकर दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी तक पहुंचने की इस शानदार सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे मंडी जिले और सरकाघाट क्षेत्र में खुशी की लहर है। शौर्यन को गूगल इंडिया में लगभग 50 लाख रुपये सालाना का आकर्षक पैकेज मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों द्वारा लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।

 

बैंक ऑफ अमेरिका में निभाया सॉफ्टवेयर इंजीनियर का जिम्मा, अमेरिका में पेटेंट दर्ज

गूगल इंडिया में शामिल होने से पहले शौर्यन शर्मा बैंक ऑफ अमेरिका में लगभग तीन वर्षों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने सुरक्षित सॉफ्टवेयर सिस्टम, रियल-टाइम एपीआई सेवाओं और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया। शौर्यन के तकनीकी नवाचार को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली है। उनके नाम अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक डेटा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और ब्लॉकचेन आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक पेटेंट दर्ज है।

 

वीआईटी वेल्लोर से की बीटेक, हैकाथॉन में भी गाड़े झंडे

शौर्यन ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा फरीदाबाद के मॉडर्न दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, UI/UX डिजाइन और फ्रंट-एंड टेक्नोलॉजी में रही। उन्होंने कॉलेज के दौरान कोडशेफ क्लब में सक्रिय भूमिका निभाई और Aptitude-21 Hackathon में ऐप डेवलपमेंट प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

 

संगीत और फुटबॉल के शौकीन हैं शौर्यन, पिता ने जताई खुशी

शौर्यन के पिता विनोद कुमार शर्मा ने बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि तताहर जैसे छोटे से गांव से निकलकर गूगल तक पहुंचना बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई और तकनीक के अलावा शौर्यन को फुटबॉल खेलने और संगीत सुनने का भी बहुत शौक है।

खबरें और भी हैं...