खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा के नेतृत्व में हिमाचली प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो स्थित जापान ओलंपिक संग्रहालय का किया दौरा, एशियाई खेलों के प्रबंधन का लिया अनुभव

Himachal News: आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों के दौरान वैश्विक स्तर की खेल व्यवस्थाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का अध्ययन करने जापान पहुंची हिमाचल प्रदेश की छह सदस्यीय टीम ने टोक्यो स्थित प्रतिष्ठित ‘जापान ओलंपिक संग्रहालय’ का विस्तृत दौरा किया। प्रदेश के युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा के नेतृत्व में गए इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक कमलेश ठाकुर, विधायक विवेक शर्मा, सचिव प्रियंका बासू इंग्टी और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा खेलों के सुदृढ़ीकरण और अंतरराष्ट्रीय मानकों को समझने के उद्देश्य से यह अध्ययन एवं अनुभव यात्रा आयोजित की जा रही है। 19 सितंबर से 4 अक्तूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों के बीच हिमाचली दल का यह दौरा राज्य में नई खेल संस्कृति के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और ढांचा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

 

ओलंपिक विरासत को करीब से समझा

प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो स्थित जापान स्पोर्ट्स ओलंपिक स्क्वायर में बने ओलंपिक संग्रहालय में आधुनिक तकनीक, मल्टीमीडिया प्रदर्शनियों और डिजिटल इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए ओलंपिक के समृद्ध इतिहास तथा विकास गाथा का गहन अध्ययन किया। खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने समझा कि किस प्रकार आधुनिक तकनीकों और संग्रहालयों का उपयोग युवाओं में खेलों के प्रति आकर्षण पैदा करने और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

 

हिमाचल में सुधरेगा खेल इंफ्रास्ट्रक्चर

यादविन्द्र गोमा ने जानकारी दी कि आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में खिलाड़ियों पर केंद्रित दृष्टिकोण (एथलीट-सेंट्रिक अप्रोच), मौजूदा खेल ढांचों के कुशल उपयोग, उन्नत तकनीक और बेहतरीन आतिथ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन यात्रा से मिलने वाले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को हिमाचल प्रदेश के खेल प्रशासन, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और नई खेल नीति में लागू किया जाएगा ताकि राज्य के होनहार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार किया जा सके।

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