कुल्लू में मानसून तबाही का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम: मनाली, बंजार और आनी में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, ट्राउट फार्म और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

रमेश कंवर: मनाली

Kullu News: मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कुल्लू जिले में हुई भारी तबाही का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मनाली, बंजार और आनी विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु की अगुवाई में पहुंची छह सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने धरातल पर जाकर क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों, पेयजल योजनाओं, मत्स्य केंद्रों और भूस्खलन प्रभावित गांवों का जायजा लिया।

केंद्रीय टीम ने ओल्ड मनाली में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों ने सोलंग गांव का रुख कर भू-धंसाव से हुए नुकसान को देखा। टीम ने पतलीकूहल स्थित प्रसिद्ध ट्राउट फार्म पहुंचकर मत्स्य पालन क्षेत्र को पहुंची क्षति का जायजा लिया। इसके अलावा बंजार क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित स्थलों और आनी उपमंडल के खनाग स्थित डीम्ड में लैंडस्लाइड से हुई तबाही का बारीकी से स्थलीय अवलोकन किया।

 

चंबा, कांगड़ा और कुल्लू का किया दौरा

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित इस अंतर-मंत्रालयी टीम ने प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया है। इसमें सड़कों, मकानों, पेयजल योजनाओं, कृषि-बागवानी, बिजली ढांचे और मत्स्य केंद्रों को पहुंचे नुकसान का व्यापक आकलन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से अंतिम क्षति रिपोर्ट प्राप्त होते ही टीम विस्तृत मूल्यांकन कर राहत सहायता के लिए अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी।

 

केंद्रीय अधिकारियों संग इसरो के वैज्ञानिक भी टीम में शामिल

दौरे के दौरान केंद्रीय टीम में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा, वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ तथा इसरो (ISRO) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे। निरीक्षण के समय हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एडीएम सुरजीत राठौर और एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा भी उपस्थित रहे।

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