2 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शुक्रवार का दिन धन-वैभव की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी और धन वैभव के कारक ग्रह शुक्र को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का छठा दिन है। आज के दिन षष्ठी तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। इसके साथ ही आज महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती भी है। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा-आराधना करने, उन्हें लाल पुष्प, मखाने या खीर अर्पित करने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से धन, ऐश्वर्य, समृद्धि और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
2 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण
तिथि: षष्ठी (सुबह 11:06 बजे तक), उपरांत सप्तमी तिथि प्रारंभ।
दिन: शुक्रवार
नक्षत्र: रोहिणी (सुबह 05:54 बजे तक), उपरांत मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ।
योग: सिद्धि (रात 09:02 बजे तक), उपरांत व्यतीपात योग प्रारंभ।
करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 11:06 बजे तक), उपरांत बव (रात 09:51 बजे तक), तत्पश्चात बालव करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 16 आश्विन
ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:20 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:01 बजे
चन्द्रोदय: रात 09:52 बजे (2 अक्तूबर)
चन्द्रास्त: दोपहर 12:44 बजे (3 अक्तूबर)
चन्द्र राशि: चंद्रमा शाम 05:01 बजे तक वृषभ राशि पर, तत्पश्चात मिथुन राशि पर गोचर करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।
2 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:45 से 05:32 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:34 बजे तक।
अमृत काल: शाम 06:34 से रात 08:06 बजे तक।
आनन्दादि योग: श्रीवत्स (सुबह 05:54 बजे तक), उपरांत वज्र योग।
2 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 03:06 से शाम 04:34 बजे तक।
कुलिक: सुबह 07:48 से 09:16 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:42 से 09:29 बजे तक एवं दोपहर 12:34 से 01:21 बजे तक।
वर्ज्यम्: सुबह 08:02 से 09:34 बजे तक।
भद्रा: प्रातः 06:20 से सुबह 11:06 बजे तक।
2 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
षष्ठी तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।
शुक्रवार व्रत एवं महालक्ष्मी पूजन: सुख-समृद्धि, धन-धान्य एवं वैभव प्राप्ति हेतु मां महालक्ष्मी की विशेष आराधना।
2 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज शुक्रवार का दिन है और पितृ पक्ष की षष्ठी तिथि का पावन योग है, इसलिए प्रातः स्नान के बाद मां महालक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं तथा उन्हें गुलाबी पुष्प, अक्षत और मखाने की खीर अर्पित करें। ‘ॐ श्रीं महालक्ष्मै नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त तिल, दूध और जल मिलाकर तर्पण करें तथा किसी निर्धन स्त्री अथवा ब्राह्मण को सफेद वस्त्र, चावल, चीनी या दूध से बनी मिठाई का दान करें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा से घर में धन-वैभव बढ़ेगा और पितरों के आशीर्वाद से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होंगी।