रमेश कंवर: चिड़गांव (रोहड़ू)
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के किसानों, बागवानों और पशुपालकों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गांवों और वंचित वर्गों का विकास ही वर्तमान सरकार का मुख्य ध्येय है।
चिड़गांव की इस ऐतिहासिक रैली में मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद करके प्रदेश की संपदा का उपयोग सीधे आम जनता के कल्याण के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने पर पहला हक प्रदेश की जनता का है और जब तक वह शासन में हैं, जनहित से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
एमआईएस के तहत सेब का खरीद मूल्य 13 रुपये प्रति किलो तय
बागवानों को राहत प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत खरीदे जाने वाले सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इस नई घोषणा के बाद अब राज्य में एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बागवानों के हित में लागू की गई यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था और प्राकृतिक खेती के उत्पादों को दिए जा रहे समर्थन मूल्य का भी उल्लेख किया।
1 दिसंबर से बढ़ेंगे दूध के समर्थन मूल्य, पशुपालकों की बढ़ेगी आय
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में दूध के दामों में मामूली वृद्धि होती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य बढ़ाया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़ी महिलाओं और किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
संदासू में सिविल अस्पताल और जांगला-चिड़गांव में सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा
रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लिए घोषणाओं का पिटारा खोलते हुए उन्होंने संदासू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में नई सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय स्थापित करने के लिए सर्वे कराने की घोषणा की। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उन्होंने जांगला और चिड़गांव के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई (CBSE) बोर्ड से संबद्ध करने का भी ऐलान किया।
शिक्षा सुधार और भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से हिमाचल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान से सुधरकर अब देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू करने तथा 300 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने से ग्रामीण बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिल रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, आपदा प्रभावितों को मकान निर्माण के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने और वाइल्ड फ्लावर हॉल व किशाऊ परियोजना जैसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय से राज्य के पक्ष में मिले ऐतिहासिक फैसलों का ब्योरा दिया।