रमेश कंवर: केलांग
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तेलिंग गांव निवासी युवा साइकिलिस्ट आदित्य वर्धन बौद्ध ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। ओडिशा के महेंद्रगिरि में आयोजित 23वीं एमटीबी नेशनल साइक्लिंग चैंपियनशिप में भाग लेते हुए आदित्य ने डाउनहिल स्पर्धा में देश भर में पांचवां स्थान हासिल किया है।
कुल्लू स्थित लॉरेल पब्लिक स्कूल में कक्षा बारहवीं के छात्र आदित्य ने 1 से 4 अक्तूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था। देश भर के शीर्ष साइकिल चालकों के बीच उनके इस शानदार प्रदर्शन और उपलब्धि से समूचे लाहौल-स्पीति जिले और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

ओडिशा के महेंद्रगिरि में आयोजित हुई 23वीं एमटीबी नेशनल साइक्लिंग चैंपियनशिप
ओडिशा के महेंद्रगिरि में 1 से 4 अक्तूबर 2026 तक 23वीं एमटीबी नेशनल साइक्लिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस चार दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों माउंटेन बाइक साइकिल चालकों ने हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कठिन और चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर आयोजित डाउनहिल स्पर्धा में आदित्य वर्धन ने बेहतरीन तकनीक और संतुलन का परिचय दिया। उन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पांचवीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा को साबित किया।
तेलिंग गांव के रहने वाले हैं युवा साइकिलिस्ट आदित्य वर्धन बौद्ध
आदित्य वर्धन बौद्ध लाहौल-स्पीति जिले के तेलिंग गांव के निवासी राकेश बौद्ध और निशा बौद्ध के पुत्र हैं। वे वर्तमान में पढ़ाई के साथ-साथ साइक्लिंग के क्षेत्र में लगातार कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और अपनी तकनीकों में सुधार ला रहे हैं। पारिवारिक सहयोग और लगन के बल पर आदित्य ने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद आदित्य की यह सफलता कातिब-ए-तारीफ है।
लाहौल-स्पीति साइक्लिंग एसोसिएशन ने आदित्य को दी बधाई
लाहौल-स्पीति साइक्लिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील और महासचिव अशोक किलेपा ने आदित्य वर्धन को राष्ट्रीय स्तर पर पांचवीं रैंक हासिल करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी आदित्य ने राज्य का प्रतिनिधित्व कर जिला का नाम ऊंचा किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि आदित्य की इस सफलता से घाटी के अन्य युवाओं को भी साइक्लिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
आगामी अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिताओं के लिए की शुभकामनाएं
आदित्य की इस उपलब्धि के बाद परिजनों और खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। एसोसिएशन ने भरोसा दिलाया कि प्रतिभावान युवाओं को हर संभव प्रोत्साहन और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। लाहौल-स्पीति में साइक्लिंग खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।