8 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

7 घंटे पहले
आज का पंचांग

8 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार का दिन है। गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का बारहवां दिन है। आज के दिन द्वादशी तिथि का श्राद्ध, संन्यासियों/यतियों का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा-आराधना करने, उन्हें पीले पुष्प, चने की दाल, गुड़ व हल्दी अर्पित करने तथा पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से पारिवारिक सुख-शांति, ज्ञान, समृद्धि और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

 

8 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: द्वादशी (रात 09:35 बजे तक), उपरांत त्रयोदशी प्रारंभ।

दिन: गुरुवार

नक्षत्र: मघा (रात 07:44 बजे तक), उपरांत पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ।

योग: शुभ (रात 02:45 बजे तक), उपरांत शुक्ल योग प्रारंभ।

करण: बालव (प्रातः 10:42 बजे तक), उपरांत कौलव करण (रात 09:35 बजे तक), फिर तैतिल।

प्रविष्टे: 22 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:25 बजे

सूर्यास्त: सायं 05:54 बजे

चन्द्रोदय: रात 02:44 बजे (9 अक्तूबर)

चन्द्रास्त: दोपहर 05:01 बजे (8 अक्तूबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर रहा है (पूरा दिन-रात)।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

8 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:49 से 05:37 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक।

अमृत काल: शाम 05:22 से 06:53 बजे तक।

आनन्दादि योग: वज्र (रात 07:44 बजे तक), उपरांत मुद्गर योग।

 

8 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01:36 से शाम 03:03 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: सुबह 06:25 से 07:52 बजे तक।

कुलिक: सुबह 09:19 से 10:46 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 10:11 से 10:58 बजे तक एवं दोपहर 02:52 से 03:39 बजे तक।

वर्ज्यम्: सुबह 07:42 से 09:12 बजे तक।

 

8 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

द्वादशी तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि का श्राद्ध, संन्यासी/यति श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।

गुरुवार व्रत एवं विष्णु पूजन: सुख-समृद्धि, ज्ञान, ज्ञान वृद्धि एवं सौभाग्य प्राप्ति हेतु भगवान श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति की विशेष पूजा।

 

8 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

आज गुरुवार का दिन है और पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि का पावन योग है। प्रातः स्नान के पश्चात भगवान श्री हरि विष्णु एवं देवगुरु बृहस्पति के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु को पीले पुष्प, हल्दी, मुनक्का और चने की दाल का भोग लगाएं तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त कुशा, जल, तिल व अक्षत से तर्पण करें तथा किसी योग्य ब्राह्मण या निर्धन व्यक्ति को पीले वस्त्र, अन्न, चने की दाल या केला दान करें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा से जीवन के समस्त दुखों का निवारण होता है।

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