Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ने मंडी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र सरकार और देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार विरोध की आवाजों और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों को रोकने के लिए दिल्ली की मेट्रो व रेल सेवाओं को बाधित करने की कड़े शब्दों में निंदा की।
युवाओं के साथ दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
कौल सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर ऐतिहासिक रूप से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों और अपनी बात रखने का स्थान रहा है। लेकिन आज केंद्र सरकार के इशारे पर जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली की परिवहन सेवाओं को ठप किया जा रहा है और प्रदर्शनकारियों को जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं को पुलिस द्वारा जबरन गाड़ियों में ठूंसा जा रहा है और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी जनता के अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हनन बर्दाश्त नहीं करेगी।
मोदी-शाह देश से मांगें माफी
पत्रकार वार्ता में कौल सिंह ने मांग की कि विरोध प्रदर्शनों को कुचलने और लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बोलने का मौलिक अधिकार देता है और केंद्र सरकार किसी भी स्थिति में नागरिकों से यह संवैधानिक अधिकार नहीं छीन सकती।
मुख्य चुनाव आयुक्त के विशेषाधिकार पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर बोलते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि पहले केवल राष्ट्रपति और राज्यपाल को ही यह संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त थी कि उनके कार्यकाल के दौरान उन पर मुकदमा नहीं चल सकता। लेकिन अब केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों को ऐसा अधिकार प्रदान कर दिया है कि उन पर जीवनभर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। उन्होंने इस प्रावधान का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। कौल सिंह ने कहा कि आज भाजपा से जुड़े लोग ही चुनाव आयोग के बचाव में उतरे हुए हैं, जबकि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पूरे मामले की उच्च स्तरीय व स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।