Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के तहत हुए एक दर्दनाक HRTC बस हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस भीषण दुर्घटना में 20 वर्षीय युवा वंश नेगी की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वंश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और तीन बहनों का इकलौता भाई था, जिस पर परिवार अपने बुढ़ापे की उम्मीदें टिकाए बैठा था।
इस हादसे में एक अन्य बुजुर्ग यात्री 76 वर्षीय श्याम लाल जोशी (निवासी जगुणी) की भी खनेरी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। दुर्घटना के बाद से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में पहाड़ी मार्गों पर दौड़ रही पुरानी और जर्जर बसों को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
रामपुर के सनेई रूट पर हुआ दर्दनाक हादसा, बस में सवार थे 25 लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा बीते शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे पेश आया। सनेई रूट पर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस रामपुर के रायशरण के पास अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना के वक्त बस में चालक और परिचालक सहित कुल 25 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को निजी वाहनों व एम्बुलेंस के जरिए महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर, खनेरी अस्पताल पहुंचाया।
पहाड़ी मार्गों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद रामपुर इलाके में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले जुलाई महीने में भी ननखड़ी क्षेत्र में हुए बस हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद दुर्गम और संकरे पहाड़ी रास्तों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रामपुर डिपो के अंतर्गत कई पुरानी और खटारा बसें चलाई जा रही हैं, जिनकी समय पर फिटनेस जांच नहीं होती। जनता ने प्रदेश सरकार और HRTC प्रबंधन से मांग की है कि रामपुर डिपो को तुरंत नई बसें आवंटित की जाएं, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सके।
भाजपा नेता कौल नेगी ने सरकार को घेरा, पुरानी बसें चलाने का लगाया आरोप
घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता कौल नेगी ने कहा कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरा बड़ा बस हादसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी और कंडम हो चुकी बसों को पहाड़ी रास्तों पर धड़ल्ले से चलाया जा रहा है, जिससे यात्रियों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। कौल नेगी ने दावा किया कि रामपुर डिपो में हाल ही में जो 12 बसें भेजी गई हैं, उनमें से नौ बसें अन्य डिपो से पुरानी हालत में लाई गई हैं, जो पहले ही सात से आठ लाख किलोमीटर चल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हादसे का शिकार हुई बस करीब 12 से 13 साल पुरानी थी और दुर्घटना से ठीक एक दिन पहले झाकड़ी के पास भी खराब हो गई थी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले और घायलों को बेहतर उपचार के साथ आर्थिक सहायता दी जाए।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बस दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए गहन तकनीकी व फोरेंसिक जांच की जा रही है।