CJP Protest: कॉकच्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ममता केजरीवाल, दीपके और राठी समेत 3,000 से अधिक लोग गिरफ्तार

10 घंटे पहले

एजेसियां: नई दिल्ली

CJP Protest: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आहूत प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को शनिवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। रीगल सिनेमा, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के पास से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर छातसाल स्टेडियम और अन्य निर्धारित स्थानों में भेजा गया है।

 

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 600 से अधिक लोग भी हिरासत में

प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदर्शन की आड़ में किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियां न फैलें। संवेदनशील इलाकों और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख नेताओं को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।

 

ये बड़े नेता भी हिरासत गिरफ्तार

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय स्तर के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, माकपा नेता एमए बेबी सहित सैकड़ों प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। इसके अलावा खुफिया सूचनाओं के आधार पर दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवासीय फ्लैट से हिरासत में लिया।

 

सीजेपी नेताओं को विमान से उतरते ही गिरफ्तार किया

इससे पूर्व मुंबई से दिल्ली पहुंचे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को विमान से उतरते ही इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद सीजेपी की ओर से जारी बयान में बताया गया कि संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर आंदोलन की कमान संभालेंगे। पार्टी नेतृत्व ने रिकॉर्डेड संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद मतदाता सूची के पुनरीक्षण को वापस लेने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा।

 

यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित

प्रदर्शन और सुरक्षा बंदोबस्त के चलते मध्य दिल्ली की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक, अशोक रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, जनपथ, संसद मार्ग और विंडसर प्लेस सहित कई प्रमुख मार्गों पर भारी जाम व रूट डायवर्जन को लेकर परामर्श (एडवाइजरी) जारी किया। पुलिस की भारी नाकेबंदी के बावजूद मिंटो ब्रिज, दिल्ली रेलवे स्टेशन और गोल डाकखाना सहित कई क्षेत्रों में प्रदर्शनकारी जमा होने का प्रयास करते रहे।

 

दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा, निषेधाज्ञा लागू

विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर समन्वय स्थापित कर कड़े ‘पिकेट’ बनाए गए हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों से लैस किया गया है। नई दिल्ली क्षेत्र में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू है और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न आने की अपील की है।

 

मतदाता सूची में गड़बड़ी और फॉर्म 6 के बदलाव का है विवाद

कॉकच्रोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गंभीर गड़बड़ियां करने का आरोप लगा रही है। पार्टी का मुख्य आरोप है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के दौरान अन्य निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार किया गया, जिसके विरोध में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन बुलाया गया है।

 

सोनम वांगचुक ने दी अनशन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्थिति की तुलना अघोषित आपातकाल से करते हुए कहा कि प्रदर्शन से पूर्व उन्होंने शांति और एकता की अपील की थी, लेकिन सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेताओं को ही हिरासत में ले लिया। वांगचुक ने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटों में नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन अथवा पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे।

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