नोरबू बरोंगपा का 82 वर्ष की आयु में निधन: भूतनाथ मंदिर में दी गई अंतिम विदाई, समाजसेवा में छोड़ गए अमिट छाप

Himachal News Norbu Barongpa passes away

रमेश कंवर: कुल्लू

Himachal News: लाहौल-स्पीति के मूल निवासी एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाले नोरबू बरोंगपा का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लाहौल-स्पीति के लपचंग गांव से ताल्लुक रखने वाले और वर्तमान में कुल्लू के रामशीला में रह रहे नोरबू बरोंगपा ने अपने जीवनकाल में सहकारिता, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक उत्थान के लिए अविस्मरणीय कार्य किए। उनके निधन का समाचार मिलते ही समूची कुल्लू और लाहौल घाटी में शोक की लहर दौड़ गई। कुल्लू के ऐतिहासिक भूतनाथ मंदिर श्मशान घाट पर हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

 

मायादास शिवदास रोटरी आई हॉस्पिटल के रहे संस्थापक अध्यक्ष

नोरबू बरोंगपा चार्टर रोटेरियन होने के साथ-साथ कुल्लू के रुआड़ू मायादास शिवदास रोटरी आई हॉस्पिटल के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में नेत्र चिकित्सा की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और इस विख्यात अस्पताल की स्थापना में उनकी अग्रणी भूमिका रही। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके इस दूरदर्शी कदम से हजारों जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिला, जिसे क्षेत्र में उनके सामाजिक समर्पण का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है।

 

लाहौल-स्पीति पोटैटो सोसाइटी में 22 वर्षों तक दीं सेवाएं

सहकारिता और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में भी उनका योगदान बेहद सराहनीय रहा। उन्होंने किसानों की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली लाहौल-स्पीति पोटैटो सोसाइटी में लगातार 22 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।

 

दो बैंकों के रहे निदेशक

इसके अलावा वह स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और पंजाब एंड सिंध बैंक के निदेशक मंडलों में भी 6-6 वर्षों तक निदेशक पद पर आसीन रहे, जहां उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

 

हिमाचल में फायर फॉक्स माउंटेन बाइक के रहे पहले डीलर

व्यवसाय और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में भी नोरबू बरोंगपा अग्रणी रहे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में फायर फॉक्स माउंटेन बाइक के पहले वितरक के रूप में अपनी पहचान स्थापित की और युवाओं को साइकिलिंग व साहसिक गतिविधियों से जोड़ा।

 

बदाह गोंपा सोसाइटी के रूप में संभाला नेतृत्व

वह बदाह गोंपा सोसाइटी के अध्यक्ष पद पर भी रहे और बौद्ध धर्म संस्कृति व धार्मिक स्थलों के संरक्षण और संवर्धन में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई।

 

सामाजिक संगठनों ने जताया गहरा शोक

नोरबू बरोंगपा के निधन पर रोटरी क्लब कुल्लू, बदाह गोंपा सोसाइटी, विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अंतिम संस्कार के अवसर पर भूतनाथ मंदिर पहुंचे हजारों लोगों ने उनके सेवाभावी जीवन और अनुकरणीय योगदान को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता और नेतृत्व को हमेशा याद रखा जाएगा।

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