कसुम्पटी में कानूगो की कर्तव्यनिष्ठा और पितृत्व का अनोखा संगम
रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: राजधानी शिमला के कसुम्पटी स्थित राजस्व कार्यालय से कर्तव्यनिष्ठा, मानवीय संवेदना और पितृत्व प्रेम की एक बेहद प्रेरक व भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। कसुम्पटी कानूगो वृत्त कार्यालय में अपनी नन्हीं बेटी को गोद में सुलाए हुए जनता की समस्याओं का समाधान और राजस्व कार्य निपटाते कानूगो नरेश कुमार की कार्यशैली ने हर किसी का दिल जीत लिया है। जहां एक ओर सरकारी दफ्तरों को लेकर अक्सर नकारात्मक धारणाएं देखने को मिलती हैं, वहीं कानूगो नरेश ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक जवाबदेही का जिस तरह एक साथ संतुलन बनाया, उसकी हर तरफ जमकर सराहना हो रही है।
कार्यालय में उमड़ी थी लोगों की भारी भीड़, पिता की गोद में सो रही थी मासूम बच्ची
कसुम्पटी पटवारी और कानूगो कार्यालय में दैनिक कार्यों और राजस्व संबंधी मामलों को लेकर स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जुटी हुई थी। पटवारी कार्यालय के साथ-साथ कानूगो कक्ष में भी लोगों का तांता लगा हुआ था। इसी बीच जब लोग अपने कार्यों के सिलसिले में कानूगो कक्ष के भीतर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो उठा। कानूगो नरेश कुमार अपनी सरकारी फाइलों और जनता के कार्यों को पूरी गंभीरता से निपटा रहे थे, जबकि उनकी गोद में उनकी छोटी सी मासूम बेटी गहरी नींद में सो रही थी।
बिस्तर के बजाय पिता की छांव में मिली नींद, जनता ने भी इशारों में समझाए अपने काम
अधिकारी ने दफ्तर में ही एक ओर बेटी के लिए बिस्तर भी लगा रखा था, लेकिन बच्ची को बिस्तर की जगह अपने पिता की गोद की गर्माहट और छांव रास आ रही थी। नीचे लिटाते ही बच्ची के जाग जाने के कारण उन्होंने बेटी को अपनी गोद में ही उठाए रखा और बेहद शांत व सौम्य स्वभाव के साथ आम जनता के काम करते रहे। इस संवेदनशील दृश्य को देखकर दफ्तर पहुंचे लोग भी इतने प्रभावित हुए कि बच्ची की नींद में खलल न पड़े, इसलिए वे भी बेहद धीमी आवाज और इशारों में अपने काम समझाते नजर आए।
कर्तव्यनिष्ठा और ममतामयी पिता के रूप की सोशल मीडिया पर चौतरफा तारीफ
सरकारी सेवा में रहते हुए जनता के प्रति निष्ठा और साथ ही एक पिता के रूप में अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी को इतनी सहजता से निभाना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस भावुक और प्रेरणादायक पल को कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस अधिकारी की सादगी, समर्पण और संवेदनशीलता की जमकर तारीफ की जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे समर्पित और संवेदनशील कर्मचारियों की मौजूदगी किसी भी विभाग और समाज के लिए गर्व का विषय है।