रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत टिक्कर नावर क्षेत्र के दरोटी गांव के पास शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में मां-बेटे सहित पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में एक नेपाली मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में बेहतर इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। हादसे की खबर मिलते ही समूचे टिक्कर नावर और दरोटी क्षेत्र में मातम छा गया और परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान दरोटी गांव के स्थानीय निवासी कुशल (पुत्र प्रमोद) और उनकी माता कल्पना देवी (पत्नी प्रमोद) के रूप में हुई है। वहीं, अन्य तीन मृतकों में नेपाली मूल की महिलाएं शामिल हैं, जिनकी पहचान निर्मला (पत्नी पवन), मीना (पत्नी प्रेम) और रोशनी (पुत्री प्रेम) के रूप में की गई है। एक ही झटके में पांच अनमोल जिंदगियां खत्म होने से स्थानीय गांव सहित मजदूरों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घायल मजदूर शिमला रेफर, स्थानीय प्रशासन ने मौके पर संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। वाहन में सवार गंभीर रूप से घायल नेपाली मजदूर को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत शिमला रेफर कर दिया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मृतकों के आश्रितों को 15-15 हजार रुपये की फौरी राहत राशि जारी
हादसे की पुष्टि करते हुए टिक्कर की तहसीलदार प्रियंजली और नायब तहसीलदार मेहर सिंह फिष्टा ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजस्व नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को फौरी राहत के रूप में 15-15 हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान कर दी गई है। प्रशासन ने गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं।