2 नवंबर 2026 का पंचांग: अहोई अष्टमी व शुक्ल योग में भगवान शिव-पार्वती की कृपा, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष उपाय

20 घंटे पहले
Panchang

2 November 2026 ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार का दिन है। सोमवार का दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और चंद्र देव की उपासना को समर्पित होता है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है (जो पूर्वाह्न 1:10 बजे तक रहेगी, उपरांत नवमी तिथि आरंभ होगी)। आज पुत्र व संतान की दीर्घायु, रक्षा और मंगल कामना का महापर्व ‘अहोई अष्टमी’ (अहोई आठे) श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। आज के दिन पुष्य उपरांत आश्लेषा नक्षत्र तथा शुक्ल योग उपरांत ब्रह्म योग का पावन प्रभाव रहेगा। कार्तिक मास के पावन दिनों में अहोई अष्टमी पर माता अहोई और भगवान शिव-पार्वती की विधिवत पूजा व सायंकाल तारों को अर्घ्य देने से संतान को दीर्घायु, आरोग्य और उज्ज्वल भविष्य की प्राप्ति होती है।

 

2 November 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत- कार्तिक, अमांत- आश्विन

पक्ष: कृष्ण पक्ष

तिथि: अष्टमी (पूर्वाह्न 1:10 बजे तक), उपरांत नवमी तिथि आरंभ।

दिन: सोमवार।

नक्षत्र: पुष्य।

योग: शुक्ल (दोपहर 12:47 बजे तक), उपरांत ब्रह्म योग।

करण: कौलव (पूर्वाह्न 11:34 बजे तक), उपरांत तैतिल करण (रात्रि 10:44 बजे तक), तत्पश्चात गर करण।

प्रविष्टे: 17 कार्तिक

ऋतु: वैदिक ऋतु – शरद, द्रिक ऋतु – हेमंत।

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:42 बजे।

सूर्यास्त: सायं 05:27 बजे।

चन्द्रोदय: रात्रि 12:59 बजे (3 नवंबर प्रातः)।

चन्द्रास्त: दोपहर 02:37 बजे (2 नवंबर)।

चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात कर्क राशि पर संचार करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।

 

2 नवंबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:06 से 05:54 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 से 02:38 बजे तक।

अमृत काल: सायं 07:11 से रात्रि 08:44 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:27 से 05:52 बजे तक।

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त: सायं 05:27 से 06:45 बजे तक।

तारे देखने का समय: सायं 05:51 बजे।

 

2 नवंबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: प्रातः 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक।

कुलिक: दोपहर 01:27 से 02:49 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:27 से 01:11 बजे तक एवं दोपहर 02:38 से 03:22 बजे तक।

 

2 नवंबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

अहोई अष्टमी व्रत: संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि हेतु माताओं का निर्जला व्रत।

राधा कुंड स्नान: कार्तिक कृष्ण अष्टमी पर मथुरा-वृंदावन स्थित पावन राधा कुंड में पवित्र स्नान का विशेष पर्व।

कार्तिक कृष्ण अष्टमी: कार्तिक मास का पावन स्नान, यम तर्पण व दीपदान का विशेष महत्व।

सोमवार शिव साधना: देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक व पंचाक्षरी मंत्र जप से समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति।

 

2 नवंबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

कार्तिक मास के सोमवार व अहोई अष्टमी के पावन पर्व पर प्रातः शिवलिंग पर कच्चा दूध, गंगाजल, बेलपत्र और अक्षत अर्पित करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें। अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली माताएं सायंकाल दीवार पर अहोई माता का चित्र बनाकर अथवा कैलेंडर स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करें, आठ पूरियों व हलवे का भोग लगाएं। गोधूलि वेला में आकाश में तारे देखकर करवे से जल का अर्घ्य दें और संतान की दीर्घायु की प्रार्थना करें। आज के दिन दूध, चावल या सफेद वस्त्र का दान करने से चंद्र दोष शांत होता है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।

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