रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: राजधानी शिमला के समीप अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी (AIMSS) चमियाना में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संस्थान में दो नए अति-विशिष्ट सुपर स्पेशियलिटी विभाग क्रिटिकल केयर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी विभाग वर्तमान में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में भी उपलब्ध नहीं हैं। इन दोनों विभागों के आरंभ होने से प्रदेश के अत्यंत गंभीर रोगियों और पेट व पाचन तंत्र की जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उच्च स्तरीय आधुनिक उपचार एक ही छत के नीचे मिलेगा, जिससे उन्हें बाहरी राज्यों के बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों को भरने और नए पद सृजित करने की मिली मंजूरी
संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. बृज शर्मा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों को भरने और नए पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है। इनमें सुरक्षा कर्मी, वार्ड अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी, डाइटिशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट, सीएसडी सुपरवाइजर और ड्राइवर सहित अन्य तकनीकी पद शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल के स्टाफ और कर्मचारियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए संस्थान को दो नई बसें भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
क्रिटिकल केयर विभाग में वेंटिलेटर और मल्टी-ऑर्गन फेलियर के गंभीर मरीजों को मिलेगी विशेष देखभाल
नया क्रिटिकल केयर विभाग उन मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा जिनकी स्थिति अत्यंत नाजुक होती है और जिन्हें लगातार गहन चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता रहती है। इस विभाग में वेंटिलेटर सपोर्ट, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (फेफड़े, हृदय और किडनी का काम बंद करना), सेप्टिक शॉक, गंभीर संक्रमण, जानलेवा निम्न रक्तचाप, हार्ट अटैक, अनियंत्रित कार्डियक एरिदमिया, ब्रेन स्ट्रोक, सिर की गंभीर चोट और ब्रेन हैमरेज से पीड़ित मरीजों को 24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
जीआई सर्जरी से पेट, लिवर, पैंक्रियाज और कैंसर के जटिल ऑपरेशनों को मिलेगी नई दिशा
जीआई सर्जरी विभाग के शुरू होने से भोजन नली, पेट, छोटी व बड़ी आंत, लिवर, पित्ताशय और पैंक्रियाज के रोगों का शल्य चिकित्सा द्वारा आधुनिक उपचार संभव होगा। इसके अंतर्गत पेट व आंतों के ट्यूमर, कोलन कैंसर, लिवर और भोजन नली के कैंसर के साथ-साथ पित्ताशय की जटिल पथरी और गंभीर हर्निया के एडवांस ऑपरेशन यहीं किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों का समय और धन दोनों बचेगा।
रोबोटिक सर्जरी के लिए 90 हजार रुपये शुल्क निर्धारित
संस्थान में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा रोगियों के लिए उपलब्ध करवा दी गई है। इसके लिए करीब 90 हजार रुपये का न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया गया है, जो निजी कॉरपोरेट अस्पतालों के खर्च की तुलना में बेहद किफायती है। इसके साथ ही कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए रोबोटिक सिस्टम में अतिरिक्त आर्म लगाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है, जिसकी मंजूरी मिलते ही सीटीवीएस में भी रोबोटिक हार्ट सर्जरी संभव हो सकेगी।
एक साल के अंतराल के बाद दोबारा शुरू हुई ओपन हार्ट सर्जरी
संस्थान में पिछले करीब एक वर्ष से बंद पड़ी ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा अक्टूबर माह से पुनः सुचारू कर दी गई है। सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा के अनुसार अब तक तीन मरीजों के जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। इनमें 6 अक्टूबर को कुल्लू के मरीज, 27 अक्टूबर को दो बार कार्डियक अरेस्ट झेल चुके 45 वर्षीय अमन गीसेदा और 30 अक्टूबर को दिल के छेद को बंद करने व लीकेज वाल्व बदलने वाले तीसरे मरीज का सफल ऑपरेशन शामिल है। यह सभी सर्जरी सीटीवीएस और कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दीं।