राहुल गांधी का तीखा हमला: ‘मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार वोट चोरी के जिम्मेदार, सबको मिलेगी सजा’

19 घंटे पहले

एजेसियां: नई दिल्ली

India News: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ कर लोकतंत्र को कमजोर करने का सीधा व गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर जनादेश की चोरी करने वाले बच नहीं पाएंगे, उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई होगी और उनके किए की सजा उन्हें मिलकर रहेगी। राहुल गांधी रविवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की विशाल ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को संबोधित कर रहे थे।

 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना विपक्ष का पहला लक्ष्य

महारैली के मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाना विपक्ष का पहला और प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कोई भी व्यक्ति देश के संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। राहुल गांधी ने कहा, “वह पद से हटेंगे और जेल जाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा तथा महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में सुनियोजित तरीके से चुनावी धांधली और वोट चोरी की गई है।

 

लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से हटाए गए 3.5 करोड़ नाम

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2024 के आम चुनावों के बाद लगभग साढ़े तीन करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए। औसतन प्रत्येक 60 मतदाताओं में से एक मतदाता का नाम सूची से हटाया गया, जो कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत बैठता है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी गठबंधन के बीच मतों का अंतर मात्र तीन प्रतिशत था। ऐसे में करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाकर सीधे चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया, जो देश के नागरिकों के मताधिकार पर सीधा प्रहार है।

 

संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे का आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित हेराफेरी के बिना वर्तमान सरकार का सत्ता में आना संभव नहीं था। उन्होंने सीबीआई, ईडी, नौकरशाही और न्यायपालिका जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर सत्तारूढ़ दल के पूर्ण नियंत्रण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की स्थापना जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हुई थी, लेकिन वर्तमान में इनका इस्तेमाल गरीबों, किसानों, युवाओं और मजदूरों की आवाज दबाने और चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के वित्तीय हितों को साधने के लिए किया जा रहा है।

 

नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान

नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल किसी से नफरत नहीं करते और हिंसा के बजाय अहिंसा में विश्वास रखते हैं। उन्होंने सत्तापक्ष पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश भाईचारे और सौहार्द से आगे बढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के हर नागरिक और संविधान की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने दोहराया कि वोट चोरी के दोषियों को जवाबदेह बनाकर देश की जनता को न्याय दिलाना विपक्ष का संकल्प है।

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