रमेश कंवर: कुल्लू
लाहौल-स्पीति के जिला अस्पताल केलांग में आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर के उपरांत चयनित 19 मरीजों के मोतियाबिंद व आंखों के अन्य सफल ऑपरेशन भानू अस्पताल कुल्लू में संपन्न हुए। इस जनकल्याणकारी शिविर (Free Eye Camp) का आयोजन लला मेमे फाउंडेशन और भानू अस्पताल कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। जनजातीय क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम के कारण उपजी परिवहन बाधाओं के बावजूद संस्था ने विशेष वाहनों की व्यवस्था कर सभी मरीजों को सुरक्षित कुल्लू पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सभी प्रक्रियाएं निशुल्क पूरी की गईं।
गत 11 अक्तूबर को जिला अस्पताल केलांग में आयोजित इस जांच शिविर में 350 से अधिक स्थानीय नागरिकों की आंखों का गहन परीक्षण किया गया था। प्राथमिक परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने 19 मरीजों को सर्जरी करवाने की सलाह दी थी। हालांकि, केलांग में मौसम बिगड़ने के चलते मरीजों को तुरंत कुल्लू रवाना नहीं किया जा सका था। स्थिति सामान्य होते ही फाउंडेशन ने छोटे वाहनों के माध्यम से सभी मरीजों को कुल्लू पहुंचाया, जहां उन्हें निशुल्क शल्य चिकित्सा, आवश्यक दवाएं और दृष्टि चश्मे वितरित किए गए।
Free Eye Camp: पहली बार दी गई सर्जिकल सुविधा
लला मेमे फाउंडेशन के अध्यक्ष मंगल मनेपा ने बताया कि संस्था पूर्व में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और कैंसर जागरूकता से जुड़े सामाजिक कार्य करती रही है। सर्जिकल उपचार और नेत्र परीक्षण के क्षेत्र में संस्था का यह पहला प्रयास था, जिसे व्यापक सफलता मिली है। उन्होंने भानू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वाइकिंग भानू और डॉ. कुसुम भानू सहित पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही शिविर के सफल समन्वय के लिए संस्था के वरिष्ठ सदस्यों राम लाल ठाकुर और किशन लाल शर्मा को उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता: डॉ. चंद्र मोहन
फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चंद्र मोहन परशीरा ने कहा कि संस्था का प्राथमिक लक्ष्य भौगोलिक रूप से दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में भी लाहौल-स्पीति और आसपास के इलाकों में इस प्रकार के निशुल्क बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा व ऑपरेशन शिविरों का क्रम निरंतर जारी रहेगा।