Himachal News: हिमाचल के 16 सरकारी कॉलेजों में शुरू होंगे एईडीपी कोर्स, बीओएटी-एनआर कानपुर के साथ एमओयू हस्ताक्षरित

2 सप्ताह पहले
Himachal News AEDP MoU Education Minister Rohit Thakur

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कार्यस्थल अनुभव प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के 16 राजकीय महाविद्यालयों में ‘अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम्स’ (AEDP) लागू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र) कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में बीओएटी-एनआर के निदेशक विवेक कुमार और 16 कॉलेजों के प्राचार्यों ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य किताबी पढ़ाई और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के बीच के अंतर को समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश इस प्रकार का अभिनव अप्रेंटिसशिप-आधारित डिग्री कार्यक्रम लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य (उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद) बन गया है। पहले ही वर्ष में तीनों पाठ्यक्रमों के तहत 16 सरकारी कॉलेजों में कुल 685 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।

 

10,900 रुपये प्रतिमाह मिलेगा स्टाइपेंड, 6 महीने की ट्रेनिंग अनिवार्य

शिक्षा मंत्री ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि एईडीपी के तहत छात्र बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI), लॉजिस्टिक्स तथा रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट जैसे उद्योग-केंद्रित डिग्री कोर्सों में अध्ययन करेंगे। इन बी.कॉम. आधारित पाठ्यक्रमों में कम से कम छह महीने की अनिवार्य उद्योग अप्रेंटिसशिप शामिल होगी, जिसके दौरान विद्यार्थियों को प्रतिमाह न्यूनतम 10,900 रुपये का सुनिश्चित स्टाइपेंड दिया जाएगा।

 

पहले चरण में 16 कॉलेजों में तीन पाठ्यक्रम शुरू

सरकार ने एईडीपी के तहत कुल पांच पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है, जिनमें से पहले चरण में तीन कोर्स शुरू किए गए हैं। बी.कॉम. बीएफएसआई का संचालन 11 महाविद्यालयों, बी.कॉम. रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट का 2 महाविद्यालयों तथा बी.कॉम. लॉजिस्टिक्स का 3 महाविद्यालयों में किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। आगामी वर्षों में इस योजना का विस्तार बी.ए. और बी.एस.सी. जैसे अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में भी करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

 

25 और डिग्री कॉलेजों में शुरू होंगे बी.वॉक. कोर्स

रोहित ठाकुर ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश के 21 राजकीय महाविद्यालयों में पहले से चल रहे बी.वॉक. (रिटेल मैनेजमेंट तथा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी) पाठ्यक्रमों के उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने इनका विस्तार 25 और कॉलेजों में करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के अंत में शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह एमओयू राज्य के विद्यार्थियों को उद्योग-केंद्रित कौशल और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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