Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान बल्ह क्षेत्र के कंसा मैदान से मंडी जिले को बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने बल्ह, नाचन, मंडी सदर और करसोग विधानसभा क्षेत्रों के लिए 136.25 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 21 महत्वपूर्ण विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में पेयजल, सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरे मंडी जिले के संतुलित एवं सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सड़क एवं लोनिवि भवनों का भव्य लोकार्पण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करोड़ों रुपये की लागत से तैयार कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें चंडियाल-पिपली-कांडी सड़क, सकरोहा-नैना माता मंदिर सड़क, लखवाण-डहणू सड़क और टांडा-कोहला-टिक्करी सड़क शामिल हैं। इसके अलावा 25.89 करोड़ रुपये से निर्मित नेरचौक-रत्ती-कलखर सड़क के उन्नयन कार्य और 2.08 करोड़ रुपये की लागत से बने नेरचौक लोक निर्माण विभाग मंडल कार्यालय भवन का भी लोकार्पण किया गया।
पेयजल योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का विस्तार
पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए उन्होंने आईपीएच उपमंडल रिवालसर के तहत 43.91 करोड़ रुपये की उठाऊ जलापूर्ति योजना और 17.01 करोड़ रुपये की बहली-महादेव एवं नेरी-कांगर उठाऊ जलापूर्ति योजना जनता को समर्पित की। साथ ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाल (यू-ब्लॉक मंडी) के 4.42 करोड़ रुपये के भवन, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र बेहना, पशु औषधालय कोठी, डहणू व मलथेहड़ के पंचायत भवनों, मांडव ग्रामीण हाट पंडोह तथा रजबाड़ी व करसोग के पटवारखानों का भी उद्घाटन किया।
नई परियोजनाओं का शिलान्यास और जनसुविधाएं
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। उन्होंने हलयातर में 50 लाख रुपये के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, कांगणी में 1.41 करोड़ रुपये के कर्मचारी आवास, रत्ती में 1.15 करोड़ रुपये के पंचायत सामुदायिक केंद्र और बल्ह तहसील में सेकड़ खड्ड व बैहना नाला पर 7.38 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण परियोजना का शिलान्यास किया।
सुगम यातायात और स्वच्छ पेयजल पर जोर
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इन सभी विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़कों से यातायात सुगम होगा और नई पेयजल योजनाओं के शुरू होने से हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।