Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) द्वारा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) बिलासपुर तक सीधी बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि राज्य सरकार आम जनता को सुलभ, सस्ती और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वर्तमान में एचआरटीसी द्वारा एम्स बिलासपुर को जोड़ने के लिए 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन सीधी बस सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज तथा उनके परिचारक लाभान्वित हो रहे हैं। सीधी बस सेवा मिलने से मरीजों को बार-बार बस बदलने की झंझट से मुक्ति मिली है और वे समय पर अस्पताल पहुंच पा रहे हैं।
इन प्रमुख शहरों से मिल रही सीधी बस सेवा
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में चिंतपूर्णी, ऊना, हरोली, सोलन, मंडी और जाहू से एम्स बिलासपुर के लिए इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं। इसके साथ ही बिलासपुर जिले के स्थानीय क्षेत्रों जैसे करलोटी, बंदला, शाहतलाई, घुमारवीं और बिलासपुर शहर से भी एम्स के लिए सीधी बस सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। घुमारवीं से एम्स के लिए प्रतिदिन 4 और बिलासपुर से 8 बार बसों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है।
नालागढ़, बद्दी और नाचन से भी शुरू होंगी नई बसें
आने वाले समय में परिवहन सेवाओं के विस्तार की योजना साझा करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि नालागढ़ से रामशहर होते हुए तथा बद्दी से बघेरी होते हुए एम्स बिलासपुर के लिए दो नई इलेक्ट्रिक बस सेवाएं जल्द शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त मंडी जिले के नाचन विधानसभा क्षेत्र से भी एम्स के लिए नई सीधी बस सेवा आरंभ की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकतानुसार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।
बुजुर्गों और मरीजों के लिए लो-फ्लोर बसें साबित हो रहीं मददगार
एम्स बिलासपुर आने वाले मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए एचआरटीसी की ये लो-फ्लोरिंग इलेक्ट्रिक बसें बेहद आरामदायक साबित हो रही हैं। नियमित जांच, उपचार और फॉलोअप के लिए आने वाले लोगों के समय की बचत हो रही है। साथ ही टैक्सी या निजी गाड़ियों पर होने वाला भारी-भरकम वित्तीय बोझ भी काफी हद तक कम हुआ है।