कांगड़ा के अब्दुल्लापुर में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा: जर्जर इमारत का छज्जा गिरने से 22 दर्शक घायल, 3 गंभीर टांडा रेफर

Balcony Collapse Accident Himachal News

Himachal News: कांगड़ा जिले के अब्दुल्लापुर में शनिवार को एक बड़ा हादसा घटित हो गया। यहां आयोजित एक स्थानीय कबड्डी मैच को देखने के दौरान पास स्थित एक पुरानी इमारत का छज्जा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छज्जे पर चढ़कर मैच देख रहे करीब 22 लोग नीचे गिरकर घायल हो गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को एंबुलेंस व निजी वाहनों की मदद से उपमंडल अस्पताल कांगड़ा पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन की ओर से त्वरित प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया। हालांकि, घायलों में से 3 लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रैफर कर दिया गया है।

मैच देखने के लिए जर्जर छज्जे पर चढ़े थे दो दर्जन लोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को अब्दुल्लापुर में स्थानीय स्तर पर कबड्डी प्रतियोगिता चल रही थी, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। बेहतर दृश्य पाने के चक्कर में लगभग 22 लोग पास ही स्थित एक बेहद पुरानी इमारत के छज्जे पर खड़े और बैठे हुए थे। अधिक वजन न सह पाने के कारण जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर ढह गया।

कांगड़ा में अस्पताल कराया गया प्राथमिक उपचार

उपमंडल अस्पताल कांगड़ा की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पना कायस्था ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के तुरंत बाद कुल 22 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए करीब 15 घायलों के तुरंत एक्स-रे कराए गए। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल पूरी तरह से खतरे से बाहर बताई जा रही है।

ये हुए घायल

हादसे में घायल हुए लोगों में कुलदीप, अनवी राणा, गगन कुमार, सवरमा, सुदेश कुमार, पूर्वी, सपना, हर्ष, दक्ष, आनया, अमन, सुजल, मोहित, आर्यन, अमीश, विक्रांत, आयुष, शुभम, अर्पित, ध्रुव, सूर्यास, आकर्ष, प्रशांत, अभिषेक, अजय, शानो, विजय कुमार और कैलाश शामिल हैं। इनमें से गंभीर रूप से घायल हर्ष, सुजल और मोहित को टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

धीरे-धीरे गिरा छज्जा, वरना टल गई बहुत बड़ी अनहोनी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस भवन का छज्जा गिरा, वह काफी सालों से जर्जर हालत में था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक दैवीय चमत्कार ही था कि छज्जा एक झटके में ढहने के बजाय धीरे-धीरे टूटा। छज्जे के टूटने की रफ्तार धीमी होने के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने का थोड़ा समय मिल गया, अन्यथा यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।

खबरें और भी हैं...