रमेश कंवर: कुल्लू
Himachal News: वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रहे वादकारियों को राहत दिलाने और न्याय प्रणाली में लंबित मुकदमों का बोझ घटाने के उद्देश्य से जिला कुल्लू में ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ विशेष अभियान का आगाज किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) कुल्लू की देखरेख में संचालित इस अभियान के तहत जिला और तालुका स्तर की अदालतों में आपसी सहमति से मुकदमों का कम खर्च और कम समय में स्थायी समाधान किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM) विशाल तिवारी ने बताया कि इस अभियान की मूल भावना ‘अल्टरनेट डिस्प्यूट रेजोल्यूशन’ (ADR) को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से ऐसे विवादों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता के लिए चुना जाएगा, जहां दोनों पक्ष बैठकर सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत के जरिए समझौता करने के इच्छुक हों।
पारिवारिक, संपत्ति और चेक बाउंस सहित कई नागरिक मामले होंगे शामिल
अभियान के अंतर्गत सुलझाए जाने वाले मुकदमों का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें पारिवारिक विवाद, वैवाहिक मतभेद, संपत्ति और भूमि बंटवारे से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना दावा याचिकाएं (MACT), घरेलू हिंसा, एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस के मामले, वाणिज्यिक व व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली तथा समझौता योग्य आपराधिक मामलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा बेदखली और भूमि अधिग्रहण से संबंधित उपयुक्त सिविल दावों का भी मध्यस्थता से निपटारा किया जाएगा।
गोपनीय, त्वरित और कम खर्चीली प्रक्रिया, आम जनता से लाभ उठाने की अपील
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल तिवारी ने बताया कि मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय, निष्पक्ष, त्वरित और बेहद कम खर्चीली होती है। इस व्यवस्था में दोनों पक्ष एक प्रशिक्षित मध्यस्थ (Trained Mediator) की उपस्थिति में बैठकर अपने-अपने दृष्टिकोण रखते हैं और बिना किसी अदालती कड़वाहट के सौहार्दपूर्ण समाधान पर पहुंचते हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपने लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटारे के लिए इस अभियान का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं।