रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोलन जिले के परवाणू और कसौली विधानसभा क्षेत्र में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि कई इलाकों में बादल फटने जैसी भयावह स्थिति बन गई। अचानक आए तेज बहाव के साथ खड्डों और नालों का पानी भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर रिहायशी इलाकों व बाजारों में घुस गया। परवाणू के सेक्टर-5, सेब मंडी बाईपास और जाबली में जलप्रलय जैसे मंजर को देखकर लोग सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। इस प्राकृतिक आपदा में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
परवाणू बाईपास बना मलबे का मैदान, सेक्टर-5 में पुल बहने से गांव का संपर्क टूटा
भारी तबाही का सबसे बड़ा असर पिंजौर-परवाणू फोरलेन यानी परवाणू बाईपास पर देखने को मिला, जहां सेब मंडी के पास नाले से आया भारी मलबा सड़क पर जमा हो गया। देखते ही देखते फोरलेन की दोनों लेन मलबे से पट गईं और सड़क पर तालाब जैसी स्थिति बनने से दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंस गए। वहीं परवाणू के सेक्टर-5 में खड्ड के उफान में एक पुलिया पूरी तरह बह गई, जिससे गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है और ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है।
जाबली में दुकान छोड़कर भागा व्यापारी, चक्की मोड़ से धर्मपुर तक NH-5 हुआ सिंगल लेन
धर्मपुर के पास जाबली इलाके में एनएच की पुलिया से अचानक पानी और मलबा एक दुकान के भीतर घुसने लगा, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दुकानदार को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस मूसलाधार बारिश ने चंडीगढ़-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-5) की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। पहाड़ों से लगातार गिरते मलबे को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से चक्की मोड़ से धर्मपुर तक यातायात को सिंगल लेन कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें और जेसीबी मशीनें मौके पर तैनात हैं तथा मलबे को हटाकर परवाणू बाईपास व एनएच-5 पर यातायात बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।