रमेश कंवर: शिमला
Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सर्दी के मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। वहीं, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से पूरे जिले के तापमान में अचानक भारी गिरावट आई है, जिससे पूरे इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
शनिवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके चलते जिले के ऊंचाई पर स्थित सीमांत गांवों छितकुल और कुन्नू-चरंग में ताजा बर्फबारी हुई है। इसके विपरीत भावानगर, रिकांगपिओ और टापरी जैसे निचले इलाकों में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा।
सेब तुड़ाई में जुटी बागवानों की बढ़ीं परेशानियां
मौसम के इस अचानक बदलाव ने जिले के सेब बागवानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वर्तमान में किन्नौर के कल्पा और पूह विकास खंडों में सेब तुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। बारिश और बर्फबारी के कारण न केवल सेब तुड़ाई का काम प्रभावित हुआ है, बल्कि फसल को सुरक्षित मंडियों तक पहुंचाने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। बागवानों को यह डर सता रहा है कि यदि तापमान में और गिरावट आती है, तो बर्फबारी के कारण सेब से लदे पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
मुख्य मार्ग सुचारू, स्थानीय लोगों ने निकाले गर्म कपड़े
राहत की बात यह है कि जिले की सभी प्रमुख सड़कें फिलहाल यातायात के लिए पूरी तरह से खुली हुई हैं और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना या नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, अचानक बढ़ी अत्यधिक ठंड के कारण स्थानीय लोगों को अब पूरी तरह से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 29 सितंबर तक मौसम खराब रहने और कई क्षेत्रों में बारिश व अंधड़ की संभावना जताई गई है।