Himcare Card Alert: हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हिमकेयर योजना’ के तहत नया कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड का नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हमीरपुर डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने स्पष्ट किया है कि अब साल भर कार्ड नहीं बनेंगे, बल्कि नए पंजीकरण की खिड़की साल में केवल 4 बार (मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर) ही खुलेगी। इसी कड़ी में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक नए कार्ड बनाने और नवीनीकरण की अंतिम तारीख तय की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में दाखिल होने पर प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी मिलती है।
तीन अलग श्रेणियों में तय हुआ प्रीमियम: जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ
प्रशासन ने लाभार्थियों की सामाजिक स्थिति के अनुसार प्रीमियम की दरें निर्धारित की हैं। पहली श्रेणी में आने वाले बीपीएल (BPL) परिवार, मनरेगा मजदूर और पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी वाले लाभार्थी बिल्कुल मुफ्त में अपना कार्ड बनवा सकते हैं। वहीं दूसरी श्रेणी के तहत एकल नारी, 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग, दैनिक भोगी, संविदा कर्मचारी, अंशकालिक और आउटसोर्स कर्मचारी मात्र 365 रुपये का शुल्क देकर इस योजना से जुड़ सकते हैं। तीसरी श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जो पहली दोनों श्रेणियों में नहीं आते और न ही सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी हैं, वे 1000 रुपये का प्रीमियम देकर अपना हिमकेयर कार्ड बनवा सकते हैं।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत: ऑनलाइन और लोकमित्र केंद्रों पर सुविधा
आवेदक स्वयं आधिकारिक पोर्टल www.hpsbys.in पर जाकर या नजदीकी लोकमित्र केंद्र व साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए राशन कार्ड, मोबाइल नंबर, लिखित वचन, श्रेणी प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेज अपलोड करने होंगे। लोकमित्र केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर दस्तावेज अपलोड करने और नामांकन के लिए तय प्रीमियम राशि के अलावा 50 रुपये का अतिरिक्त सेवा शुल्क देना होगा। इस कार्ड की वैधता 1 वर्ष के लिए होगी।
PGI चंडीगढ़ से AIIMS बिलासपुर तक इलाज: बीमारी में मिलेगा बड़ा सहारा
हिमकेयर कार्ड धारकों को प्रदेश के सभी पंजीकृत सरकारी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, डायलिसिस के मरीजों के लिए पंजीकृत निजी अस्पतालों को भी इसमें शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, हिमाचल के बाहर पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) और एम्स बिलासपुर (AIIMS Bilaspur) जैसे देश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों में भी इस कार्ड के जरिए 5 लाख रुपये तक का इलाज बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी पात्र लोगों से 30 सितंबर से पहले अपना कार्ड बनवाने की पुरजोर अपील की है।