Lahaul Spiti News: अटल टनल से बदली लाहौल-स्पीति की तस्वीर, पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने लद्दाख के इंफ्लुएंसर्स से संवाद कर दिखाई विकास यात्रा

Ravi Thakur Interacts With Influencers At Atal Tunnel Lahaul Spiti News

रमेश कंवर: केलांग

Lahaul Spiti News: सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर लद्दाख से आए प्रसिद्ध सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने विशेष मुलाकात एवं संवाद आयोजित किया। इस दौरान युवा इंफ्लुएंसर्स ने अटल टनल, लाहौल-स्पीति घाटी के असीम प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय जनजीवन, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को करीब से जाना और समझा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से ये युवा इंफ्लुएंसर्स लाहौल-स्पीति की नैसर्गिक सुंदरता, संस्कृति और विकास की असली तस्वीर को देश-दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे घाटी में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार व आजीविका की नई संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि 9.02 किलोमीटर लंबी यह ऐतिहासिक टनल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 अक्तूबर 2020 को राष्ट्र को समर्पित की गई थी, जिसके बाद से लाहौल घाटी का वर्षभर कनेक्टिविटी का सपना साकार हुआ है।

 

फॉरेस्ट राइट्स एक्ट और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर ध्यान देने की जरूरत

पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने चर्चा के दौरान कहा कि जहां एक ओर केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में अटल टनल जैसी मेगा बुनियादी परियोजनाओं से सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों की ऑल-वेदर कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, वहीं दूसरी ओर फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (FRA) जैसे संवेदनशील विषयों पर भी प्रदेश सरकार को निर्धारित नियमों, नियमावलियों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार पारदर्शिता से कार्य करना चाहिए ताकि जनजातीय आबादी के अधिकारों का संरक्षण हो सके।

 

संवैधानिक संस्थाओं का हो सम्मान

संवाद के दौरान उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रमों पर विचार रखते हुए कहा कि एसआईआर (SIR) और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक दलों को आपसी आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय तथ्यों, प्रमाणों और आधिकारिक वैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवंत लोकतंत्र में आम जनता तक सही और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाना तथा देश की संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली का सम्मान करना सभी जिम्मेदार प्रतिनिधियों की पहली नैतिक जिम्मेदारी है।

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