रमेश कंवर: केलांग (लाहौल-स्पीति)
Lahaul Spiti News: जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की स्पीति घाटी के कोमिक गांव की निवासी और ‘मैराथन गर्ल केडी’ के नाम से विख्यात अल्ट्रा रनर तेंजिन डोल्मा को एम3एम फाउंडेशन ने दिल्ली में आयोजित अपने वार्षिक समारोह में सम्मानित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली तेंजिन डोल्मा वर्तमान में मनाली के कोठी गांव में रहकर अभ्यास करती हैं और अब तक देश-विदेश में एक दर्जन से अधिक अल्ट्रा मैराथन व मैराथन प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर चुकी हैं।
एम3एम फाउंडेशन द्वारा तेंजिन डोल्मा को मई 2026 में जापान के हिरोसाकी में आयोजित 24 घंटे की एशियाई एवं ओशिनिया चैंपियनशिप में उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम का नेतृत्व करते हुए तेंजिन ने देश को कांस्य पदक दिलाया था।
अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार 24 घंटे दौड़ते हुए तेंजिन डोल्मा ने 228.93 किलोमीटर की दूरी तय कर नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने पूर्व एथलीट सुनीता सुब्बा के 217.32 किलोमीटर के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही वे पूरे एशिया और ओशिनिया महाद्वीप के शीर्ष एथलीटों के बीच व्यक्तिगत स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही थीं। उल्लेखनीय है कि तेंजिन डोल्मा के नाम 12 घंटे की दौड़ में 124 किलोमीटर की दूरी तय करने का भी भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है।
जापान में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें एम3एम फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित किया गया था। दिल्ली से लौटने के बाद तेंजिन डोल्मा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने का उनका संकल्प और सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने फाउंडेशन तथा विशेष रूप से डॉ. पायल कनोडिया का आभार जताते हुए कहा कि इस सहयोग के दम पर ही वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाई हैं।
सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद तेंजिन मनाली के ऊंचे पहाड़ों में कड़ा अभ्यास कर रही हैं, ताकि आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए और अधिक पदक जीत सकें।