लाहौल के सुदीप्त कटोच का राष्ट्रीय साइक्लिंग में दमदार प्रदर्शन: सब जूनियर XCO स्पर्धा में हासिल की 8वीं रैंक, घाटी में खुशी की लहर

रमेश कंवर: केलांग

Lahaul Spiti News: लाहौल-स्पीति के युरामूर्ति गांव के युवा साइकिलिस्ट सुदीप्त कटोच ने राष्ट्रीय स्तर की साइक्लिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सब जूनियर बॉयज वर्ग के एक्ससीओ (क्रॉस कंट्री ओलंपिक) मुकाबले में सुदीप्त ने देशभर में आठवीं रैंक हासिल की है।

सुदीप्त के इस शानदार प्रदर्शन से लाहौल-स्पीति के खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रतियोगिता में उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण क्रॉस कंट्री ओलंपिक रेस में सुदीप्त ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी। विपरीत परिस्थितियों और दुर्गम रेसिंग ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सुदीप्त ने शीर्ष धावकों के बीच आठवां स्थान प्राप्त कर अपनी कड़ी मेहनत का परिचय दिया।

सुदीप्त की इस उपलब्धि पर लाहौल-स्पीति साइक्लिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील और महासचिव अशोक ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों ने भी युवा खिलाड़ी को बधाई दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जनजातीय जिले के दूरदराज क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाना पूरे लाहौल-स्पीति के लिए गर्व की बात है।

 

उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेंगे युवा

लाहौल-स्पीति साइक्लिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिले के युवाओं में साइक्लिंग प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में रहने के कारण यहां के खिलाड़ियों की सहनशक्ति स्वाभाविक रूप से बेहतर होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी तिरंगा फहरा सकते हैं।

 

स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बने सुदीप्त कटोच

सुदीप्त की इस सफलता ने लाहौल-स्पीति के अन्य उभरते खिलाड़ियों और युवाओं को भी खेलों के प्रति आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संसाधनों की कमी के बावजूद सुदीप्त ने जो मुकाम हासिल किया है, वह बेहद सराहनीय है और प्रशासन को ऐसे होनहार खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन देना चाहिए।

खबरें और भी हैं...