Rally of Himalayas: जेके टायर रैली ऑफ हिमालयाज़ 2026 का ज़ांस्कर में समापन, धृतिमान सिंह और राजीव यादव बने चैंपियन

रमेश कंवर: शिमला

Rally of Himalayas: देश की सबसे कठिन और थका देने वाली मोटरस्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में शुमार ‘जेके टायर रैली ऑफ हिमालयाज़ 2026’ का ज़ांस्कर के पदुम में शानदार समापन हो गया। जेएंडके बैंक द्वारा प्रस्तुत इस ऐतिहासिक रैली ने चार दिनों तक चले हाई-ऑक्टेन रोमांच के बाद दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वतीय रास्तों पर रफ्तार, नियंत्रण और मानवीय सहनशक्ति की अद्भुत मिसाल पेश की। मनाली से शुरू होकर लाहौल-स्पीति और ज़ांस्कर की बर्फीली घाटियों से गुजरी इस प्रतियोगिता में देशभर की 50 कारों और 80 मोटो राइडर्स ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मनाली से 26 सितंबर को झंडी दिखाकर रवाना की गई इस रैली में प्रतिभागियों को माइनस तापमान, अचानक बदलती विषम परिस्थितियों, ऑक्सीजन की कमी और कुंजुम ला व 16,500 फीट से अधिक ऊंचे शिंकू ला पास जैसे दुर्गम हिमालयी दर्रों की चुनौतियों को पार करना पड़ा। मोटो श्रेणी में धृतिमान सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि फोर-व्हीलर एक्सट्रीम वर्ग में राजीव यादव और रोहित गौड़ा की जोड़ी ने बाजी मारी।

 

मनाली से कुंजुम ला का दुर्गम सफर और 72 किमी का रिवर्स स्टेज

रैली के पहले ही दिन से राजीव यादव ने बेहतरीन ड्राइविंग का प्रदर्शन करते हुए एक्सट्रीम केटेगरी में मजबूत पकड़ बना ली। उन्होंने स्थानीय दावेदार आर्यक राणा की कड़ी चुनौती के बावजूद अपनी गति और लय को बनाए रखा। प्रतियोगिता के दूसरे चरण में लाहौल-स्पीति के पथरीले और जोखिम भरे रास्तों पर चालकों के वाहनों की तकनीकी सहनशक्ति का कड़ा इम्तिहान हुआ।

प्रतियोगिता को तकनीकी रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए आयोजकों ने 72 किलोमीटर के विशेष प्रतिस्पर्धी चरण को विपरीत दिशा (रिवर्स डायरेक्शन) में आयोजित किया। इस मोड़ ने पूरी रणनीति बदल दी और ड्राइवरों को अपने ब्रेकिंग प्वाइंट्स व टर्निंग स्पीड में नए सिरे से तालमेल बैठाना पड़ा। इसी चरण के दौरान 2015 के ‘रेड डी हिमालय’ विजेता लखपा त्सेरिंग को अपनी टोयोटा हिलक्स में आई यांत्रिक खराबी के कारण रेस से बाहर होना पड़ा।

 

16,500 फीट ऊंचे शिंकू ला पास और ज़ांस्कर घाटी में दक्ष गिल का तूफानी प्रदर्शन

रैली का रुख उस समय पलटा जब दक्ष गिल ने लॉसर से ग्राम्फू के बीच विपरीत दिशा वाले चरण में जीत दर्ज की। इसके बाद 16,500 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित शिंकू ला पास पर दक्ष गिल ने बेहद सतर्कता और नियंत्रण के साथ गाड़ी चलाते हुए बढ़त बनाई। इतनी ऊंचाई पर जहां इंजन की ताकत कम होने लगती है और टायरों की ग्रिप कमजोर पड़ती है, वहां गिल की रणनीति बेहद कारगर साबित हुई।

इसके बाद जब रैली ज़ांस्कर घाटी के रेगिस्तानी भूभाग में प्रवेश कर गई, तो दर्शकों को रफ्तार का असली रोमांच देखने को मिला। सीधे और कंकरीले ट्रैक्स पर दक्ष गिल ने 200 किलोमीटर प्रति घंटे की खौफनाक रफ्तार हासिल कर इतिहास रच दिया। रफ्तार और वाहन नियंत्रण के इस अद्भुत संतुलन ने ज़ांस्कर स्टेज को प्रतियोगिता का सबसे निर्णायक मोड़ बना दिया।

 

पदुम में उपलब्धियों का जश्न

चार दिनों के थका देने वाले सफर के बाद रैली का आधिकारिक समापन ज़ांस्कर के उप-मंडल मुख्यालय पदुम में हुआ। मोटो (दो पहिया) वर्ग में धृतिमान सिंह प्रथम, हैप्पी वर्मा द्वितीय और नितीश भारद्वाज तृतीय स्थान पर रहे। एक्सट्रीम (चार पहिया) वर्ग में राजीव यादव व रोहित गौड़ा की जोड़ी विजेता बनी, जबकि आर्यक राणा व आदित्य शर्मा उपविजेता तथा दक्ष गिल व वीरेंद्र कश्यप द्वितीय उपविजेता रहे। एडवेंचर वर्ग में सोहम हजरा व निरव मेहता ने पहला, संतोष एचएम व प्रकाश मुथुसामी ने दूसरा और चंद्र मौली व श्री शक्ति कुमार एन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, वहीं सचिन मंधवानी व अधित्य एंथनी की टीम चौथे स्थान पर रही।

 

सांस्कृतिक संध्या में गणमान्य हस्तियां रही मौजूद

सफल आयोजन के बाद पदुम में एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह और लद्दाखी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि परिवहन व आवास सचिव अरवा गोपी कृष्णा (IAS), मुख्य सचिव के स्टाफ अधिकारी मोजेस कुंजांग, जेएंडके बैंक के डीजीएम व क्षेत्रीय प्रमुख त्सेवांग दोरजाई, ज़ांस्कर के पुलिस अधीक्षक रिगज़िन संगदुप, कारगिल के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त व पर्यटन अधिकारी गुलाम मोहम्मद और एसडीएम सरवर शहज़ाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान कर उनकी ऐतिहासिक जीत की सराहना की।

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