रमेश कंवर: शिमला
Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों और समस्याओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा प्रदान करने के लिए NLU के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है, साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने आंतरिक संसाधन स्वयं सृजित करने पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई त्वरित एवं महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
हॉस्टल सुरक्षा, ट्रांसफार्मर और ओवरहेड बिजली तारों को भूमिगत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए नए छात्रावासों के निर्माण में वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने बालिका छात्रावास की बाहरी सीमा पर तुरंत कंटीले तारों की बाड़ लगाने के सख्त निर्देश दिए। परिसर में कम वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए नया बिजली ट्रांसफार्मर स्थापित करने और हॉस्टल के ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन (HT) लाइन को तुरंत स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया। विद्यार्थियों व कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर में ओवरहेड बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने का आश्वासन भी दिया गया।
सीवरेज प्लांट और पेयजल समस्या के समाधान के लिए मिलेगा बजट
परिसर में पानी की किल्लत और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी। एनएलयू शिमला की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने विश्वविद्यालय की वर्षों से लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्य सचिव के.के. पंत और सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।